भारत में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, रक्षा विशेषज्ञ बोले- 'पाकिस्तान खुद टूटने की कगार पर'
रक्षा विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त) कैप्टन अनिल गौर ने कहा है कि पाकिस्तान आज खुद टूटने की कगार पर है, क्योंकि उसके अपने ही लोग उसके खिलाफ हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने यह टिप्पणी…
रक्षा विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त) कैप्टन अनिल गौर ने कहा है कि पाकिस्तान आज खुद टूटने की कगार पर है, क्योंकि उसके अपने ही लोग उसके खिलाफ हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने यह टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस पोस्ट के संदर्भ में की, जिसमें स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क को खत्म करने और 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी।
कैप्टन गौर ने बताया कि पाकिस्तान हर साल 15 अगस्त से पहले भारत में आतंकी हमला करने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा, "पहले, यह कश्मीर घाटी में होता था, लेकिन अब वे कश्मीर घाटी में ऐसा नहीं कर सके। हालांकि, उन्होंने निश्चित रूप से कोशिश जरूर की।"
एनआईए की कार्रवाई और आतंकी मंसूबे
रक्षा विशेषज्ञ ने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, एक अनजान हत्या हुई थी। हमारा एक पुलिसवाला मारा गया था। उसके बाद, दो मजदूर मारे गए। यह उनकी योजना थी।" उन्होंने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सराहना करते हुए कहा कि एजेंसी ने पूरी छानबीन करके एक-एक कड़ी जोड़ी और 14 राज्यों से 203 लोगों को गिरफ्तार किया। कैप्टन गौर के मुताबिक, ये सभी लोग तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान (TTP) और गजवा-ए-हिंद के लिए काम करते थे।
पाकिस्तान की आंतरिक समस्याएं
कैप्टन गौर ने दावा किया कि पाकिस्तान अब ऐसी स्थिति में पहुँच गया है जहाँ उसका "नामोनिशान मिटने वाला है" और यह काम उसके अंदर के लोग ही कर रहे हैं। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा, "बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को अपनी आजादी की घोषणा कर दी। पीओके के लोग कह रहे हैं कि हम हिन्दुस्तान के साथ मिलना चाहते हैं, हम उनके साथ नहीं रहना चाहते हैं। खैबर पख्तूनख्वा, पेशावर, इमरान खान के समर्थक, सभी उनके खिलाफ हैं।"
उनके अनुसार, इन्हीं आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए ISI भारत में कोई बड़ी घटना कराना चाहती है, ताकि अंतरराष्ट्रीय आलोचना का रुख भारत की ओर मोड़ा जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसा नहीं होने वाला है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में बदलते हालात का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग लाल चौक पर तिरंगा फहराने से डरते थे, लेकिन आज वहां भारत के झंडे फहराए जा रहे हैं।
इनपुट: IANS



