ग्रेटर नोएडा: सोसायटी में बच्चे की डूबने से मौत, प्राधिकरण के तीन बड़े अधिकारियों पर एक्शन
ग्रेटर नोएडा की कलाधाम सोसायटी में बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर 6 साल के बच्चे की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने…
ग्रेटर नोएडा की कलाधाम सोसायटी में बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर 6 साल के बच्चे की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने लापरवाही के आरोप में अपने तीन अधिकारियों को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। यह कदम संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसमें शुरुआती तौर पर अधिकारियों की चूक सामने आई है।
यह दर्दनाक हादसा शनिवार शाम करीब 7 बजे हुआ, जब 6 वर्षीय अव्यान सूर्या एक अन्य बच्चे के साथ खेल रहा था। खेलते समय उसका पैर फिसल गया और वह प्राधिकरण द्वारा खोदे गए लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था। अव्यान के पिता सीवान यादव दिल्ली के रोहिणी स्थित केंद्रीय विद्यालय में उप प्रधानाचार्य हैं।
क्या कार्रवाई हुई?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के आदेश पर एक वरिष्ठ प्रबंधक, एक प्रबंधक और एक सहायक प्रबंधक पर यह कार्रवाई की गई है। IANS के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, प्रबंधक और सहायक प्रबंधक के निलंबन की सिफारिश शासन को भेज दी गई है। साथ ही वरिष्ठ प्रबंधक के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजी गई है। फिलहाल, तीनों अधिकारियों को ग्रेटर नोएडा वेस्ट कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अव्यान के गड्ढे में गिरने पर उसके साथ खेल रहे दूसरे बच्चे ने शोर मचाया। इसके बाद स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका। बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था।
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। परिजनों की शिकायत के आधार पर ठेकेदार, सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी थी। अब अधिकारियों पर हुई इस कार्रवाई को मामले में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



