झारखंड: नियुक्ति रद्द होने के बाद सड़कों पर उतरे चयनित अभ्यर्थी, सरकार से फैसला बदलने की मांग
झारखंड में संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अपनी नियुक्ति गंवा चुके सैकड़ों युवाओं ने गुरुवार को राजधानी रांची में एक 'तिरंगा…
झारखंड में संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अपनी नियुक्ति गंवा चुके सैकड़ों युवाओं ने गुरुवार को राजधानी रांची में एक 'तिरंगा यात्रा' निकालकर राज्य सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार पूरी परीक्षा को रद्द करने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे।
गुरुवार शाम लगभग छह बजे, रांची के मोरहाबादी मैदान से यह विरोध मार्च शुरू हुआ। हाथों में तिरंगा लिए अभ्यर्थी नारेबाजी करते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचे। उनका कहना था कि वे किसी भी दोषी को बचाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि बिना किसी व्यक्तिगत जांच के सभी सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति रद्द कर देने के तरीके का विरोध कर रहे हैं।
सफल होकर भी बेरोजगार हुए युवा
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की सभी निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करके सफलता पाई थी। कई सफल उम्मीदवार तो संबंधित सरकारी विभागों में अपना पदभार भी ग्रहण कर चुके थे। इस फैसले से 1,975 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं, जिससे उनके सामने एक बार फिर बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत, उम्र और भविष्य की योजनाओं पर भी पानी फिर गया है। कई लोगों ने दूसरी नौकरियां छोड़कर इन पदों पर योगदान दिया था।
गड़बड़ी की जांच हो, न कि पूरी परीक्षा रद्द
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने रोजगार और भविष्य की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर परीक्षा में किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उन पर कार्रवाई हो। लेकिन, इसके लिए सभी सफल अभ्यर्थियों को दंडित करना अनुचित है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के आधार पर JSSC-CGL समेत कई नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। यह मामला अब झारखंड हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है, जहां सफल अभ्यर्थियों ने सरकार के निर्णय को चुनौती दी है।
इनपुट: IANS



