शिलांग हिंसा: शांति बहाली के लिए असम और मेघालय मिलकर करेंगे काम, मुख्यमंत्रियों में बनी सहमति
शिलांग में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद पैदा हुए तनाव को कम करने के लिए असम और मेघालय की सरकारें मिलकर काम करेंगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमं…
शिलांग में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद पैदा हुए तनाव को कम करने के लिए असम और मेघालय की सरकारें मिलकर काम करेंगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों पड़ोसी राज्यों में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर सहमति बनी।
यह बातचीत बुधवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की एक बाइक रैली के दौरान शिलांग में भड़की हिंसा की पृष्ठभूमि में हुई। खबरों के अनुसार, रैली के दौरान शहर में पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं हुईं, जिससे विशेष रूप से असम से आने वाले वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
संयुक्त प्रयासों पर जोर
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि उन्होंने 19 अगस्त की हिंसा और उसके असर के बारे में असम के मुख्यमंत्री से बात की है। उन्होंने कहा, "हमेशा की तरह, हम स्थिति को सामान्य करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।" संगमा ने यह भी बताया कि दोनों राज्यों के कैबिनेट मंत्री इस बातचीत को आगे बढ़ाएंगे और शांति व विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा करेंगे।
वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शिलांग की घटनाओं, खासकर असम में पंजीकृत गाड़ियों से जुड़ी घटनाओं पर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि राज्य के सीमा सुरक्षा मंत्री अतुल बोरा को मेघालय के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है ताकि शांति बनी रहे। सरमा ने असम और मेघालय को गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों वाले 'बहन राज्य' बताते हुए आपसी सम्मान और संयम की अपील की।
प्रशासनिक कार्रवाई और गिरफ्तारियां
हिंसा के बाद मेघालय प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन ने ऐलान किया है कि वह सरकारी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 'मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट' लागू करेगा। इसके साथ ही, शुक्रवार के लिए प्रस्तावित KSU के एक अन्य आंदोलन की मंजूरी भी रद्द कर दी गई है।
इसी सिलसिले में मेघालय पुलिस ने KSU के तीन वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें अध्यक्ष रेमंड खारजाना, उपाध्यक्ष पिनकमेनलांग सनमीट और महासचिव रूबेन नजीयार शामिल हैं। दोनों मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के नागरिकों से शांति, भाईचारे और संयम बनाए रखने का आग्रह किया है।
इनपुट: IANS



