मंगलवार, 3 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

सुपरमार्केट के फ्रिज से लेकर एयरपोर्ट तक: हैकर्स के नए निशाने कैसे बदल रहे हैं साइबर हमलों की दुनिया?

साइबर हमले अब सिर्फ़ कंप्यूटर या वेबसाइट तक सीमित नहीं रह गए हैं। हैकर्स अब उन सिस्टम्स को निशाना बना रहे हैं जो हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी भौतिक चीज़ों को नियंत्रित करते हैं, जैसे एयरपोर्ट…

सुपरमार्केट के फ्रिज से लेकर एयरपोर्ट तक: हैकर्स के नए निशाने कैसे बदल रहे हैं साइबर हमलों की दुनिया?
(फोटो: IANS)

साइबर हमले अब सिर्फ़ कंप्यूटर या वेबसाइट तक सीमित नहीं रह गए हैं। हैकर्स अब उन सिस्टम्स को निशाना बना रहे हैं जो हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी भौतिक चीज़ों को नियंत्रित करते हैं, जैसे एयरपोर्ट की चेक-इन व्यवस्था या सुपरमार्केट के फ्रिज। हाल ही में यूरोप में हुई एक घटना इसका बड़ा उदाहरण है, जहाँ सात देशों में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को हैक कर फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा दिया गया।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार, 2 नवंबर को बेल्जियम, एस्टोनिया, फिनलैंड, आयरलैंड, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड और स्वीडन के कई सुपरमार्केट्स में यह हैरान करने वाली घटना हुई। तापमान बढ़ने से खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को दुकानों से हटाना पड़ा। अकेले बेल्जियम में 'कैरेफोर' के लगभग 15 स्टोर और आयरलैंड में 'सुपरवैल्यू' के 13 स्टोर प्रभावित हुए।

भौतिक दुनिया पर डिजिटल हमला

यह घटना साइबर हमलों के बदलते स्वरूप को दर्शाती है, जहाँ अब असर सिर्फ स्क्रीन पर नहीं, बल्कि असल दुनिया की मशीनों और सेवाओं पर पड़ रहा है। आज बड़े स्टोर्स में सैकड़ों फ्रिज और फ्रीजर एक केंद्रीय डिजिटल सिस्टम से जुड़े होते हैं। हैकर्स इसी सिस्टम में सेंध लगाकर दूर से ही तापमान को नियंत्रित कर सकते हैं और भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। 2 नवंबर की इस घटना से पहले, 12 अक्टूबर को फ्रांस में भी सैकड़ों सुपरमार्केट में इसी तरह के हमले हुए थे। हालांकि, अभी तक किसी समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

आईटी बनाम ओटी: हमलों का नया मोर्चा

तकनीकी रूप से इसे समझने के लिए आईटी (Information Technology) और ओटी (Operational Technology) के बीच का अंतर जानना ज़रूरी है। आईटी सिस्टम कंप्यूटर, वेबसाइट और डेटा को संभालते हैं, जबकि ओटी सिस्टम भौतिक प्रक्रियाओं जैसे बिजली संयंत्र, कारखाने और रेफ्रिजरेशन को नियंत्रित करते हैं। यूरोप के सुपरमार्केट्स पर हुआ हमला ओटी सिस्टम पर हमले का एक बड़ा उदाहरण है, जहाँ नुकसान डेटा चोरी नहीं, बल्कि मशीनों के कामकाज में सीधी रुकावट है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ उपकरणों में पुराने सॉफ्टवेयर और सुरक्षा अपडेट की कमी इसका एक कारण हो सकती है।

विमानन से लेकर रिटेल तक: हाल के कुछ बड़े साइबर हमले

पिछले कुछ वर्षों में कई अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे हमले देखे गए हैं, जिनसे कारोबार और आम लोगों को भारी परेशानी हुई है:

  • अमेरिकी होटल उद्योग: सितंबर 2023 में अमेरिका के 'एमजीएम रिसॉर्ट्स' पर हुए हमले से होटल बुकिंग, डिजिटल चाबियां और भुगतान सेवाएं कई दिनों तक ठप रहीं।
  • अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा: फरवरी 2024 में 'चेंज हेल्थकेयर' पर रैनसमवेयर हमले ने अस्पतालों और फार्मेसियों की भुगतान प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया।
  • विमानन क्षेत्र: क्रोएशिया (जुलाई 2024) और अमेरिका (अगस्त 2024) के एयरपोर्ट्स पर हमलों से उड़ानों में देरी हुई। वहीं, 19 सितंबर 2025 को कोलिन्स एयरोस्पेस के सॉफ्टवेयर पर हुए हमले ने हीथ्रो और बर्लिन समेत कई यूरोपीय हवाई अड्डों पर चेक-इन व्यवस्था को बाधित कर दिया।
  • ऑटोमोबाइल और रिटेल: ब्रिटिश सरकार ने 19 सितंबर 2025 को 'जगुआर लैंड रोवर' पर हुए हमले के असर पर बैठक की, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ था। इसी तरह, अप्रैल 2025 में 'मार्क्स एंड स्पेंसर' पर हुए हमले में ग्राहकों का निजी डेटा चोरी हो गया था।

इनपुट: IANS

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