दवाओं की गुणवत्ता पर CDSCO की रिपोर्ट: एक महीने में 280 सैंपल जांच में फेल, एक नकली भी मिला
भारत में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए की गई नियमित जांच में जुलाई महीने के दौरान 280 दवाएं निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरीं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी मासिक…
भारत में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए की गई नियमित जांच में जुलाई महीने के दौरान 280 दवाएं निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरीं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी मासिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन दवाओं के सैंपल देश भर की केंद्रीय और राज्य प्रयोगशालाओं में जांचे गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल असफल नमूनों में से 40 को केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' (NSQ) पाया, जबकि 240 अन्य नमूनों को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने गुणवत्ता मानकों के विरुद्ध पाया। CDSCO ने स्पष्ट किया है कि किसी दवा के एक बैच का NSQ घोषित होने का यह मतलब नहीं है कि बाजार में मौजूद उस ब्रांड की सभी दवाएं खराब हैं। यह सिर्फ जांचे गए विशिष्ट बैच पर ही लागू होता है।
बिहार में मिली नकली दवा
इस रिपोर्ट में एक दवा के नमूने को नकली (Spurious) भी पाया गया है, जो बिहार से लिया गया था। शुरुआती जांच से पता चला है कि इस दवा को एक अनधिकृत निर्माता ने किसी दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का इस्तेमाल करके बनाया था।
CDSCO ने बताया है कि इस मामले की गहन जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जारी रहेगी निगरानी
नियामक संस्था ने आश्वासन दिया है कि वह राज्य नियामकों के साथ मिलकर गुणवत्ताहीन और नकली दवाओं को बाजार से हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से करती रहती है। इस सतत निगरानी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों तक केवल सुरक्षित और प्रभावी दवाएं ही पहुंचें। संगठन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी यह अभियान जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।
इनपुट: IANS



