शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: 'बी-खाता' संपत्ति मालिकों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा, विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित

कर्नाटक में दशकों से कानूनी अनिश्चितता में जी रहे लाखों संपत्ति मालिकों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। राज्य विधानसभा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे अनधिकृ…

कर्नाटक: 'बी-खाता' संपत्ति मालिकों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा, विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में दशकों से कानूनी अनिश्चितता में जी रहे लाखों संपत्ति मालिकों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। राज्य विधानसभा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे अनधिकृत लेआउट में स्थित संपत्तियों के 'बी-खाता' को 'ए-खाता' में बदलने का रास्ता साफ हो गया है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कदम से उन परिवारों को अपनी संपत्ति पर कानूनी और सुरक्षित मालिकाना हक मिल सकेगा, जो पिछले तीन से चार दशकों से इस समस्या से जूझ रहे थे। सरकार ने 'कर्नाटक नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026' को इसी उद्देश्य से पारित किया है।

कानूनी मान्यता की राह

विधेयक पेश करते हुए मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की 'भूमि गारंटी' प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य हर संपत्ति मालिक को सुरक्षित और कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त हक देना है। उन्होंने कहा, "नगर निगम अधिनियम की धारा 284 में यह संशोधन अनधिकृत लेआउट से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को हल करने और संपत्ति मालिकों को पेश आ रही मुश्किलों के समाधान के लिए एक कानूनी रास्ता बनाने के मकसद से लाया जा रहा है।"

क्यों पड़ी इस कदम की ज़रूरत?

मंत्री ने बताया कि पिछले कई दशकों में कर्नाटक के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अनधिकृत लेआउट विकसित हुए। उनके अनुसार, "यह जानते हुए भी कि ऐसे निर्माण अनधिकृत थे, पिछली सरकारों ने उन्हें रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।"

कृष्णा बायरे गौड़ा ने यह भी बताया कि इन लेआउट में चौड़ी सड़कों, बिजली, पानी की आपूर्ति और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जिससे संपत्ति मालिक मुश्किल में पड़ गए, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी। इन्हीं वजहों से इन संपत्तियों को कानूनी रूप से मान्य 'ए-खाता' के बजाय 'बी-खाता' जारी किया गया था।

भविष्य के लिए सख्त रुख

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत पुराने मामलों के लिए है। मंत्री ने कहा, "सरकार ने 2024 में नए अनधिकृत लेआउट बनाने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया था। हमने ऐसे अनधिकृत लेआउट पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया और आगे के उल्लंघनों को रोकने के लिए कदम उठाए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि मालिकाना हक तभी सुरक्षित हो सकता है जब संपत्ति मालिक 'ए-खाता' हासिल कर सकें, और यह नया कानून इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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