त्रिपुरा: बिजली की बढ़ी दरों का बोझ नहीं पड़ेगा जनता पर, सरकार देगी 100% सब्सिडी
त्रिपुरा सरकार ने राज्य के लगभग 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत दी है। त्रिपुरा विद्युत नियामक आयोग (TERC) द्वारा स्वीकृत बिजली की बढ़ी हुई दरों का पूरा बोझ अब राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री…
त्रिपुरा सरकार ने राज्य के लगभग 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत दी है। त्रिपुरा विद्युत नियामक आयोग (TERC) द्वारा स्वीकृत बिजली की बढ़ी हुई दरों का पूरा बोझ अब राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को घोषणा की कि कैबिनेट ने उपभोक्ताओं के हित में 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य लोगों को बढ़े हुए बिजली बिलों के वित्तीय दबाव से बचाना है।
यह निर्णय बिजली बिलों, विशेषकर फिक्स्ड चार्ज में भारी वृद्धि के बाद लिया गया है, जिसके कारण आम लोगों में काफी चिंता थी और राजनीतिक विरोध भी देखने को मिला था। सरकार के इस फैसले से घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर छोटे, मध्यम और बड़े कारोबारियों, किसानों और उद्योगों तक, लगभग सभी वर्गों को लाभ मिलेगा।
सब्सिडी का दायरा और शर्तें
हालांकि, यह सब्सिडी रेलवे ट्रैक्शन पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा, रक्षा प्रतिष्ठानों, रेलवे, ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन जैसे कुछ केंद्रीय संस्थानों के मामले में, राज्य सरकार बढ़ी हुई दरों का 15 प्रतिशत भार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्पष्ट किया कि यह फैसला यह सुनिश्चित करने के लिए है कि संशोधित दरों का उपभोक्ताओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। राज्य के बिजली मंत्री रतन लाल नाथ ने बताया कि इस साल सरकार कुल 194.70 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी, जिसमें पहले से दी जा रही 77.57 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी शामिल है।
अतिरिक्त भुगतान का समायोजन
सरकार ने उन उपभोक्ताओं का भी ध्यान रखा है जिन्होंने पहले ही नई और बढ़ी हुई दरों पर अपने बिलों का भुगतान कर दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान की गई अतिरिक्त राशि को अगले तीन महीनों—सितंबर, अक्टूबर और नवंबर—के बिजली बिलों में समायोजित कर दिया जाएगा। यह समायोजन चरणबद्ध तरीके से होगा ताकि सभी प्रभावित उपभोक्ताओं को सरकारी सब्सिडी का पूरा लाभ मिल सके।
मंत्री रतन लाल नाथ ने यह भी बताया कि 2019 से 2023 के बीच भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगाया था।
इनपुट: IANS



