23 साल से फरार आरोपी CBI के शिकंजे में, 9 लाख के माल की चोरी का था मामला
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने लगभग 23 साल से कानून से बच रहे एक भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पर दो ट्रकों से ग्राहकों तक पहुँचाए जाने वाले करीब 9 लाख रुपये के माल की…
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने लगभग 23 साल से कानून से बच रहे एक भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पर दो ट्रकों से ग्राहकों तक पहुँचाए जाने वाले करीब 9 लाख रुपये के माल की चोरी और गबन का आरोप है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई के लगातार प्रयासों के बाद रूप सिंह नामक इस व्यक्ति को शुक्रवार को पकड़ा जा सका।
यह गिरफ्तारी उस मामले से जुड़ी है जिसमें एक अन्य सह-आरोपी अर्जुन सिंह को भी करीब 22 साल तक फरार रहने के बाद 7 नवंबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की शुरुआत करीब 26 साल पहले महाराष्ट्र में हुई थी, जब दो ट्रक ड्राइवरों ने घी और मूंग से लदे ट्रकों के माल का गबन कर लिया था।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला मूल रूप से 4 अक्टूबर, 1998 को महाराष्ट्र के अमलनेर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। आरोप था कि 27 सितंबर, 1998 को दो ट्रक चालकों, बाबू खान और असलम खान, ने अपने ट्रकों में लदे माल की चोरी की और उसे खुर्द-बुर्द कर दिया। बाद में, औरंगाबाद स्थित बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 25 फरवरी, 2002 को एक आदेश जारी कर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।
इसके बाद सीबीआई ने 5 अप्रैल, 2002 को बाबू खान, असलम खान और अन्य के खिलाफ मामला फिर से दर्ज किया। जांच पूरी होने पर, सीबीआई ने 19 दिसंबर, 2003 को अमलनेर की जेएमएफसी अदालत में रूप सिंह, अर्जुन सिंह, बाबू खान और असलम खान के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।
अदालती कार्यवाही से कैसे हुए फरार?
जांच में यह बात सामने आई थी कि रूप सिंह और अर्जुन सिंह ने दोनों ट्रक ड्राइवरों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रूप सिंह और अर्जुन सिंह को जमानत मिल गई, लेकिन वे इसका फायदा उठाकर फरार हो गए। अदालत ने 11 नवंबर, 2010 को दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था। वहीं, मामले के अन्य दो आरोपी बाबू खान और असलम खान शुरुआत से ही फरार चल रहे थे।
इनपुट: IANS



