किश्तवाड़: गर्भपात के लिए ले जाते समय 14 साल की लड़की की मौत, स्कूल शिक्षक गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत के बाद इलाके में सदमे और गुस्से का माहौल है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को तब हुई जब लड़की को…
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत के बाद इलाके में सदमे और गुस्से का माहौल है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को तब हुई जब लड़की को गर्भपात के लिए एक जिले से दूसरे जिले ले जाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने एक स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि लड़की किश्तवाड़ के खत्रू इलाके की रहने वाली थी। उसे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) के लिए किश्तवाड़ से डोडा जिले रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किया गया शिक्षक उस अपराध के लिए जिम्मेदार था जिसके कारण लड़की गर्भवती हुई और अंततः उसकी मौत हो गई।
शिक्षक के खिलाफ FIR, जांच जारी
इस जघन्य अपराध के सिलसिले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ संबंधित पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि लड़की के गर्भवती होने, उसकी मौत और इस मामले से जुड़े अन्य सभी पहलुओं का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में बच्चों के खिलाफ अपराध
यह घटना केंद्र शासित प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराधों की चिंताजनक स्थिति को भी सामने लाती है। IANS के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 887 मामले दर्ज हुए। इनमें से 444 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि 537 मामले साल के अंत तक जांच के लिए लंबित थे।
आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि केंद्र शासित प्रदेश में 2024 में ऐसे मामलों में सज़ा की दर (conviction rate) 9.4% रही। वहीं, साल के आखिर तक बच्चों से जुड़े अपराध के 2,517 मामलों का ट्रायल अदालतों में लंबित था। पिछले कुछ वर्षों में मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया है; 2022 में 920 और 2023 में 910 मामले दर्ज हुए थे।
इनपुट: IANS



