कोलकाता होटल अग्निकांड: प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, मिर्जा गालिब स्ट्रीट के 26 होटलों को सुरक्षा में लापरवाही पर नोटिस
कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके में एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब इलाके के अन्य होटलों की सुरक्षा…
कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके में एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब इलाके के अन्य होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग ने मध्य कोलकाता के इस व्यस्त इलाके में आग से सुरक्षा के अपर्याप्त इंतजामों को लेकर अब तक कुल 26 होटलों और गेस्ट हाउसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यह कार्रवाई मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात 'शिखा इन' होटल में लगी आग के बाद शुरू हुई। इस दर्दनाक घटना में सात बांग्लादेशी नागरिकों समेत नौ लोगों की जान चली गई थी। जांच में सामने आया कि मौतें जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थीं। मृतकों में छह पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल थे।
लगातार दूसरे दिन कार्रवाई
अग्निशमन विभाग ने शुक्रवार को मिर्जा गालिब स्ट्रीट और आसपास के 17 और होटलों को नोटिस थमाया। इन सभी को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश दिया जा सकता है। इससे एक दिन पहले, गुरुवार को भी इसी इलाके के 9 अन्य होटलों और गेस्ट हाउसों को नोटिस जारी किए गए थे।
पुलिस और प्रशासन का एक्शन
इस मामले में पुलिस ने 'शिखा इन' होटल के लीज धारक अबू जफर को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया था, जिसे अदालत ने 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, जफर ने यह होटल बिरेश्वर मित्रा से 40,000 रुपये महीने के किराए पर लिया था। होटल का असली मालिक बिरेश्वर मित्रा अभी भी फरार है।
उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके के सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों का विशेष ऑडिट कराने की घोषणा की है। न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है, जबकि राज्य के अग्निशमन विभाग ने भी अलग से शिकायत दर्ज कराई है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इस घटना को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और नगर निगम मामलों के मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पूछा है कि बिना उचित सुरक्षा इंतजामों के इन होटलों को ट्रेड लाइसेंस कैसे जारी कर दिए गए।
इनपुट: IANS



