रांची में छात्रों के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, बाबूलाल मरांडी ने JMM पर 'गुंडागर्दी' का आरोप लगाया
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा और सरकार के साथ टकराव बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को रांची में हुए एक विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस को…
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा और सरकार के साथ टकराव बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को रांची में हुए एक विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि JMM के 'गुंडे' छात्रों पर लाठियां चला रहे हैं।
मरांडी ने कहा, "स्वाभाविक है कि इस वजह से बच्चे पूरी तरह से आक्रोशित और गुस्से में हैं। फिर भी, बच्चे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं। और इसके बावजूद जेएमएम, हेमंत सोरेन या सरकार को कोई शर्म नहीं आ रही है।" उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, "सरकार के गुंडे, मैं उन्हें गुंडे ही कहूंगा, लाठियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अगर झारखंड के बच्चे हर गांव में लाठियां लेकर निकल पड़े, तो जेएमएम वालों को भागने का रास्ता भी नहीं मिलेगा।"
क्यों हुआ था यह हिंसक टकराव?
यह पूरा विवाद जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को रद्द करने के सरकारी फैसले पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद शुरू हुआ। इसी फैसले के विरोध में छात्र गुरुवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने के लिए इकट्ठा हुए थे। छात्रों का आरोप है कि इसी दौरान JMM कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला छीनने और छात्राओं से बदसलूकी करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
छात्रों के आरोप और पुलिस की कार्रवाई
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने आरोप लगाया, "हम नारे लगाते हुए पुतला जलाने आए थे। इसी बीच जेएमएम ने अपना एक आदमी भेजा और उसने आकर हमसे पुतला छीनने की कोशिश की। उसने पुतला ले जा रही लड़की के साथ बदसलूकी करने की भी कोशिश की और उसके कपड़े फाड़ दिए।" इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई।
पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। दो छात्र नेताओं, कुणाल और रवींद्र, की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। लालपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारी कई जगहों पर पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल कर आगजनी कर रहे थे।
विपक्ष की मांग और सरकार पर दबाव
बाबूलाल मरांडी ने लोकतांत्रिक विरोध को संवैधानिक अधिकार बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपना वादा निभाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांग के अनुसार इस मामले को सीबीआई को सौंप देना चाहिए। यह घटना राज्य में रोजगार और परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
इनपुट: IANS



