शिक्षक भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता की मांग: तेजस्वी यादव ने छात्रों का किया समर्थन, भाजपा ने कहा 'राजनीतिक लाभ' की कोशिश
बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में पारदर्शिता की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों के समर्थन में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव उतर आए हैं। शुक्रवार को पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन…
बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में पारदर्शिता की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों के समर्थन में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव उतर आए हैं। शुक्रवार को पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज ठहराया और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस दौरान तेजस्वी ने युवाओं के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने और पुलिस कार्रवाई का सामना करने से भी न हिचकने की बात कही।
तेजस्वी यादव ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 'लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है'। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परीक्षाओं को समय पर और बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित करना एक चुनी हुई सरकार की जिम्मेदारी है, तो छात्रों को विरोध करने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार "बेरोजगारी का गढ़" बन गया है और सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सरकार को चेतावनी और समर्थन का वादा
राजद नेता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 'कोई भी पद या सत्ता की कुर्सी स्थायी नहीं होती' और राजनीतिक अहंकार में जनता की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की चिंताओं को सुनने का आग्रह किया। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने 2015 में शुरू हुई 'सात निश्चय' योजना के तहत युवाओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में कटौती कर दी है, जिससे महंगाई के इस दौर में परिवारों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राजद छात्रों और युवाओं के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी।
भाजपा का पलटवार
तेजस्वी यादव के इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है। भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में विफल रहे थे। गुप्ता ने तेजस्वी पर विपक्ष के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि गर्दनीबाग में उनका दौरा केवल राजनीतिक लाभ उठाने का एक प्रयास था।
इनपुट: IANS



