जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा नया ग्लोबल टेक हब, गेमिंग और एनीमेशन इंडस्ट्री को मिलेगी नई उड़ान
उत्तर प्रदेश में डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई…
उत्तर प्रदेश में डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रस्तावित फिल्म सिटी के पास एक अत्याधुनिक एवीजीसी एक्सआर पार्क बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहल का मकसद राज्य को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना देश-विदेश की कंपनियों, स्टार्टअप्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स को एक ही छत के नीचे काम करने का मौका देगी। माना जा रहा है कि हवाई अड्डे और फिल्म सिटी से निकटता के कारण यह पार्क निवेशकों और वैश्विक कंपनियों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनेगा। बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के चलते यह देश की सबसे प्रमुख डिजिटल मीडिया परियोजनाओं में से एक हो सकती है।
पार्क में क्या होंगी सुविधाएं?
इस प्रस्तावित एवीजीसी एक्सआर पार्क को विश्वस्तरीय तकनीक और सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां एनीमेशन स्टूडियो, विजुअल इफेक्ट्स (VFX) स्टूडियो, गेम डेवलपमेंट सेंटर और मोशन कैप्चर स्टूडियो जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, वर्चुअल प्रोडक्शन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कंटेंट निर्माण केंद्र, और एक्सटेंडेड रियलिटी (XR), वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) के लिए विशेष लैब भी स्थापित की जाएंगी।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
इस पार्क के बनने से हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, एनीमेशन, गेमिंग, वीएफएक्स, एआई और एक्सआर जैसी उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। साथ ही, यह परियोजना स्टार्टअप्स और इनोवेशन को भी गति देगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और निवेश का माहौल और मजबूत होगा। इसका एक अन्य बड़ा उद्देश्य मनोरंजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को व्यापक बनाना है।
इनपुट: IANS



