सरकार गिरने के बाद कर्नाटक का नाटक खत्म, कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन हारा विश्वास मत

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कर्नाटक में पिछले कई दिनों से जारी सियासी नाटक खत्म हो गया है। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार विश्वास मत हासिल न करने के कारण गिर गई है। बता दें कि साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के विधायकों के समर्थन जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे।

मंगलवार को विधान सौदा में हुए प्लोर टेस्ट में मुख्यमंत्री विश्वास मत हासिल करने में नाकाम रहे। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पक्ष में 99 वोट पड़े जबकि विरोध में 105 वोट। इस तरह राज्य में 14 महीने तक चली सरकार गिर गई और अब सरकार बनाने का भारतीय जनता पार्टी का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, गठबंधन की सरकार गिर जाने के तुरंत बाद भाजपा की राज्य इकाई ने ट्वीट करते हुए हार को कर्मों का खेल बताया।

यहां ये बता दें कि कर्नाटक का राजनीतिक नाटक पिछले 21 दिनों से जारी था और यह प्रतिदिन सुर्खियों में छाया रहा। कुमारस्वामी सरकार को लगातार फ्लोर टेस्ट करने की नई डेडलाइन दी जा रही थी, लेकिन फ्लोर टेस्ट नहीं हो पा रहा था। मगर भाजपा विधायक वोटिंग पर अड़े रहे।

बीते सोमवार को भी देर रात तक जेडीएस-कांग्रेस विधायकों के साथ बीजेपी विधायकों का टकराव होता रहा। बीजेपी विधायक विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग को लेकर अड़े रहे थे। इसके बाद स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कुमारस्वामी सरकार को हर हालत में मंगलवार शाम 6 बजे तक बहुमत साबित करने को कहा गया था। इस दौरान कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार बागी विधायकों पर भड़के हुए भी दिखे थे।

कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद बीजेपी राज्य इकाई ने इस पर निशाना साधने में देरी नहीं लगाई और ट्वीट करते हुए कहा, यह कर्नाटक के लोगों की जीत है। यह एक अपवित्र गठबंधन और भ्रष्टाचारी युग का अंत है। हम भरोसा दिलाते हैं कि हम कर्नाटक के लोगों को एक स्थिर और समर्थ सरकार देंगे। साथ में हम कर्नाटक को फिर से समृद्धिपूर्ण बनाएंगे।

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