मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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झारखंड: आदिवासी महिलाओं ने पेड़ों को बांधी राखी, 'लेडी टार्जन' के नेतृत्व में लिया जंगल बचाने का संकल्प

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में रक्षाबंधन के त्योहार को प्रकृति संरक्षण के एक अनूठे उत्सव में बदल दिया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को चाकुलिया के सुनसुनिया जंगल में…

झारखंड: आदिवासी महिलाओं ने पेड़ों को बांधी राखी, 'लेडी टार्जन' के नेतृत्व में लिया जंगल बचाने का संकल्प
(फोटो: IANS)

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में रक्षाबंधन के त्योहार को प्रकृति संरक्षण के एक अनूठे उत्सव में बदल दिया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को चाकुलिया के सुनसुनिया जंगल में सैकड़ों आदिवासी महिलाओं ने पेड़ों को अपना भाई मानकर उनकी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा और उन्हें बचाने का संकल्प लिया।

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यह पूरा आयोजन पद्मश्री से सम्मानित और 'लेडी टार्जन' के नाम से मशहूर जमुना टुडू की अगुवाई में हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने पहले पेड़ों की पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद उन्होंने साल के पेड़ों को राखी बांधी। इस मौके पर मंदार और धमसा की पारंपरिक धुन पर सामूहिक नृत्य भी किया गया, जिससे पूरा जंगल जीवंत हो उठा।

पर्यावरण रक्षा का संदेश

इस खास कार्यक्रम में चाकुलिया के थाना प्रभारी राजेश कुमार भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने भी पेड़ों पर राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करने, पेड़ों की अवैध कटाई रोकने और पर्यावरण को बचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली।

इस अवसर पर जमुना टुडू ने कहा, "मैं पेड़ों को अपना भाई मानती हूं और सालों से इसी भावना के साथ जंगल में रक्षाबंधन मनाती आ रही हूं।" उन्होंने घटते वन क्षेत्र पर चिंता जताते हुए कहा कि हर व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह पेड़ों और जंगलों की सुरक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की भी अपील की।

इनपुट: IANS

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News4Social समाज डेस्क

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