जालोर: पूर्व MLA अमृता मेघवाल को मिली बड़ी राहत, फैमिली कोर्ट ने एकतरफा तलाक का फैसला रद्द किया
राजस्थान की जालोर फैमिली कोर्ट ने एक अहम फैसले में भाजपा की पूर्व विधायक अमृता मेघवाल और उनके पति बाबूलाल मेघवाल के बीच हुए एकतरफा तलाक को निरस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के…
राजस्थान की जालोर फैमिली कोर्ट ने एक अहम फैसले में भाजपा की पूर्व विधायक अमृता मेघवाल और उनके पति बाबूलाल मेघवाल के बीच हुए एकतरफा तलाक को निरस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, अदालत ने माना कि तलाक की कार्यवाही के दौरान अमृता मेघवाल को कानूनी प्रक्रिया के तहत सही तरीके से नोटिस नहीं दिया गया, जिससे उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिल सका।
यह आदेश जालोर फैमिली कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अमर वर्मा ने पूर्व विधायक द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई के बाद दिया। अदालत ने 4 मई 2023 की एकतरफा कार्यवाही और 7 जून 2023 को दिए गए तलाक के फैसले, दोनों को रद्द कर दिया है। अब इस मामले की नए सिरे से सुनवाई होगी, जिसमें दोनों पक्षों को सुना जाएगा।
क्या था पूरा मामला?
बाबूलाल मेघवाल, जो भाजपा के एससी मोर्चा के जालोर जिलाध्यक्ष हैं, ने 22 सितंबर 2022 को हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक के लिए अर्जी दी थी। अदालत ने अमृता मेघवाल को उनके जयपुर के एक पुराने पते पर नोटिस भेजे, लेकिन मकान काफी समय से बंद होने के कारण नोटिस बार-बार लौट आए। इसके बाद, एक अखबार में नोटिस प्रकाशित कर कानूनी प्रक्रिया पूरी मान ली गई थी।
अमृता मेघवाल ने अपनी याचिका में बताया कि उन्हें तलाक की कार्यवाही के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि वह उस पते पर नहीं रहती थीं। जैसे ही उन्हें मामले का पता चला, उन्होंने 13 जून 2023 को मामले के दस्तावेजों की नकल निकलवाई और 5 जुलाई 2023 को एकतरफा फैसले को रद्द करने के लिए आवेदन किया।
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने रिकॉर्ड की जांच में पाया कि जिस पते पर नोटिस भेजे गए थे, वह वास्तव में बंद था। कोर्ट ने यह भी माना कि सिर्फ अखबार में नोटिस का प्रकाशन पर्याप्त नहीं माना जा सकता, खासकर जब रजिस्टर्ड डाक भी वापस लौट रही हो। इसी आधार पर कोर्ट ने पूर्व विधायक को राहत देते हुए मामले को दोबारा शुरू करने का आदेश दिया। अमृता मेघवाल के वकील संजय बोराणा थे, जबकि बाबूलाल मेघवाल की पैरवी सुरेंद्र कुमार दवे ने की।
फैसले पर दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया
कोर्ट के फैसले पर अमृता मेघवाल ने कहा कि अदालत के सामने गलत तथ्य पेश कर एकतरफा फैसला लिया गया था, लेकिन अब उनकी सुनवाई हुई है। वहीं, बाबूलाल मेघवाल ने इसे अंतिम फैसला न बताते हुए कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अदालत अब अमृता को अपना पक्ष रखने का अवसर देगी। साथ ही उन्होंने यह भी टिप्पणी की, "भले ही अमृता सोने की मणि हो, लेकिन अब मुझे यह मणि नहीं चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि अमृता और बाबूलाल का विवाह 21 अप्रैल 2008 को हुआ था। दोनों के बीच विवाद के बाद वे 21 जनवरी 2019 से अलग रह रहे थे, जिसके लगभग तीन साल बाद बाबूलाल ने तलाक की अर्जी दी थी।
इनपुट: IANS



