रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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GST के बोझ से बचकर कैसे खरीदे घर ?

1 जुलाई के बाद से अपार्टमेंट और विकसित प्लॉट खरीदने पर 12 फीसदी गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लगाया जा रहा है।

GST के बोझ से बचकर कैसे खरीदे घर ?
1 जुलाई के बाद से अपार्टमेंट और विकसित प्लॉट खरीदने पर 12 फीसदी गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लगाया जा रहा है। ऐसे में यदि आप भी घर खरीदने की सोच रहे हैं तो पहले यह जान लें कि इस टैक्स का बोझ आप अपने ऊपर आने से किस तरह रोक सकते हैं। जीएसटी के तहत पूरे हो चुके ऐसे प्रॉजेक्ट में घर खरीदने पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाता है, जिसे ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) मिल गया हो या जहां रजिस्ट्री हो सकती है। यदि कोई प्रॉजेक्ट कंप्लीट है और ओसी के लिए अप्लाई किया चुका है, लेकिन अथॉरिटी के द्वारा जारी नहीं किया गया है तो नए खरीदार को फ्लैट की कीमत पर 12% जीएसटी देना होगा। हालांकि, पूरे हो चुके ऐसे प्रॉजेक्ट जिन्हें ओसी नहीं मिला है, यदि बिल्डर कंस्ट्रक्शन मटीरियल खरीदारी का इनवाइस जमा करता है तो उसे कुल कीमत पर 2.40% क्रेडिट मिलेगा जिसे वह कस्टमर को दे सकता है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में यदि किसी प्रॉजेक्ट ने ओसी हासिल कर लिया है तो इनमें हाउजिंग यूनिट खरीदने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, यदि डिवेलपर ने प्रॉजेक्ट के एवज में अथॉरिटी के बकाए का भुगतान नहीं किया है तो ओसी मिलने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। जीएसटी के तहत डिवेलपर्स को सीमेंट, स्टील, पेंट्स, बाथरूम फिटिंग्स आदि की खरीद पर चुकाए गए टैक्स पर बायर्स द्वारा कंप्लीट यूनिट पर दिए गए टैक्स में से क्रेडिट मिलता है। इसलिए डिवेलपर्स को 1 जुलाई के बाद खरीदे गए इनपुट्स पर मिले क्रेडिट का फायदा बायर्स को देना चाहिए। उदाहरण के तौर पर यदि एक प्रॉजेक्ट के निर्माण पर इनपुट टैक्स के बदले 400 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट क्रेडिट मिलता है तो डिवेलपर को कीमत में इतनी ही कमी करनी चाहिए। इसके बाद जीएसटी कम हुई कीमत पर लगेगा। सरकार का दावा है कि यदि किसी प्रॉजेक्ट को कंप्लीट करते हुए इनपुट खरीद पर दिए गए टैक्स के बदले मिले संपूर्ण क्रेडिट को बायर्स तक पहुंचाया जाए तो कीमत नहीं बढ़नी चाहिए, लेकिन यह तभी संभव है जब प्रॉजेक्ट जीएसटी लागू होने के बाद बना हो।
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Neha Jangra

नेहा जांगड़ा News4Social की बिज़नेस संवाददाता हैं। वे व्यापार, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय खबरों को कवर करती हैं, और आर्थिक मुद्दों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाती हैं। सभी लेख देखें →

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