BRICS Summit 2026: एकतरफावाद का मुकाबला करने का मंच, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन का भारत रवाना होने से पहले बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। अपनी यात्रा से पहले उन्होंने ब्रिक्स समूह को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में…
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। अपनी यात्रा से पहले उन्होंने ब्रिक्स समूह को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में एकतरफा नीतियों का मुकाबला करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बताया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पेज़ेश्कियन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और वैज्ञानिक सहयोग बढ़ाने की अपार क्षमता रखता है।
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राष्ट्रपति की यात्रा की जानकारी की पुष्टि की। दूतावास ने अपने पोस्ट में लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के राष्ट्रपति डॉ. पेज़ेश्कियन 'ब्रिक्स समिट 2026' में शामिल होने के लिए भारत रवाना हुए।"
ब्रिक्स का उद्देश्य और विस्तार
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा कि ब्रिक्स का मुख्य लक्ष्य ही एकतरफावाद का सामना करना है। उन्होंने कहा, "कोशिश यह है कि देश अपनी स्वतंत्रता बनाए रखते हुए आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ा सकें।" उन्होंने यह भी कहा कि हमारी कोशिश है कि सदस्य देश डॉलर पर निर्भर हुए बिना आर्थिक विकास करें और बड़ी शक्तियों की अत्यधिक मांगों का सामना कर सकें।
पेज़ेश्कियन ने बताया कि इस समूह में अब कुल 21 सदस्य हैं, जिनमें 11 पूर्ण सदस्य और 10 नए सदस्य (जिन्हें "ब्रिक्स प्लस" कहा जाता है) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये देश दुनिया की 45 प्रतिशत से अधिक आबादी और लगभग 35 प्रतिशत भूभाग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
शिखर सम्मेलन का एजेंडा
इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का विषय एकजुटता, टिकाऊ विकास, मजबूती और नवाचार पर केंद्रित है। अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ब्रिक्स नेताओं की मुख्य बैठक, ब्रिक्स आर्थिक फोरम और वैश्विक शासन में भागीदारी व बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर केंद्रित एक सत्र को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त, उनकी भारत के प्रधानमंत्री, मलेशिया के प्रधानमंत्री, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और सम्मेलन में शामिल अन्य नेताओं के साथ भी मुलाकात की संभावना है।
इनपुट: IANS



