WhatsApp ग्रुप द्वारा चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड पोर्न रैकेट का पर्दाफाश

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WhatsApp ग्रुप द्वारा चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड पोर्न रैकेट का पर्दाफाश,

बलात्कार, लूट, हत्या जैसे मामले तो होते ही है, अब अंतराष्ट्रीय चाइल्ट पोर्न रैकेट का मामला सामने आया है. जर्मनी की पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड पोर्न रैकेट का पर्दाफाश किया है. इतना ही नहीं इस बात का पता भी लगाया है कि इसके तार भारत से भी जुड़े हुए है. फिलहाल जर्मन की पुलिस ने भारत के सीबीआई को निर्देश दिए है कि इस मामले पर जल्द ही कर्रवाई की जाए. जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले पर तुंरत कर्रवाही करते हुए, सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

बता दें कि ये सभी आरोपी एक WhatsApp ग्रुप के मेंबर हैं और इस ग्रुप में बच्चों की अश्लील तस्वीरें को साझा किया जाता था. जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वह इस ग्रुप का हिस्सा थे. इस मामले को जर्मनी की फेडरल पुलिस ने आगे बढ़ाया था. इस ग्रुप का भी खुलासा जर्मन की पुलिस ने ही किया था.

ऐसे समूह पर नकेल कसने की तैयारियां चल रही है जो डार्क वेब और सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म पर सक्रिय रहते हैं. वहीं सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक जर्मन पुलिस ने सैशे ट्रेपकी नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद इस आरोपी को लेकर जांच पड़ताल की गई और उसे गुनेहगार पाया गया है. इसी के साथ उसे कोर्ट में भी पेश किया गया है. जिसके बाद उसे 5 साल की सजा सुनाई गई है.

एफआईआर में कहा गया है कि जांच के दौरान जर्मन पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा. जिसमें कई संदिग्ध चीजें बरामद की गईं. इस कार्रवाई में बच्चों के पोर्न से जुड़े पिक्चर और वीडियो बरामद हुए. जांच के बाद इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपी इससे जुड़े 29 व्हाट्सअप ग्रुप चला रहा था. इस ग्रुप के मेंबर में अश्लील सामग्री शेयर की गई थी.

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बताते चले कि उस वक्त इन 29 ग्रुप में 483 लोग सक्रिय थे. जिनमें 7 भारतीय भी हैं. जिन 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनके नाम हैं- विनोत काना, जुहेब अली, खोजेमा एच, राकेश कुमार, अभिषेक कुमार त्रिपाठी, जयदीप रॉय और रहीस है जिनके खिलाफ सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. फिलहाल जिन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हैं, उनकी गिरफ्तारी भी जल्द होने की संभावना है.