रेलवे के 166 साल के इतिहास में हुआ ये कारनामा पहली बार, रेलमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

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रेलवे के 166 साल के इतिहास में हुआ ये कारनामा पहली बार, रेलमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

पिछले कुछ सालों से देखा गया है कि रेलवे में कई सारी दुर्घटनाएं होती रही है लेकिन रेलवे ने इस साल दावा किया है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष यानी 2019-20 में रेलवे से किसी भी शख्स की जान नहीं गयी है जो रेलवे के 166 साल पुराने इतिहास में पहली बार हुआ है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, “सेफ्टी फर्स्ट: 166 साल में पहली बार, भारतीय रेलवे को चालू वित्त वर्ष में किसी भी यात्री की मौत नहीं हुई है।”

6 दिसंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने देश भर के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और सुरक्षा उपायों के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है।

पिछले महीने रेल मंत्रालय ने दावा किया कि सुरक्षा में सुधार के लिए आधुनिक ट्रैक संरचना जिसमें प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट स्लीपर (PSC), 60 किग्रा, 90 या उच्चतर परम तन्य शक्ति (UTS) रेल, पीएसएल स्लीपरों पर पंखे के आकार का लेआउट टर्नआउट शामिल है, प्राथमिक ट्रैक नवीनीकरण करते समय गर्डर पुलों पर स्टील चैनल स्लीपर्स का उपयोग किया जाता है।

यह भी कहा कि गड़बड़ियों का पता लगाने और समय पर ख़राब पटरियों को हटाने और रेलवे पटरियों की सुरक्षा में सुधार के लिए अल्ट्रासोनिक फाल्ट डिटेक्शन का (यूएसएफडी) का परीक्षण किया जाता है।

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मंत्रालय ने कहा कि इन सभी के अलावा, नियमित अंतराल पर ड्राइव और निरीक्षण, सुरक्षित नियमों के पालन के लिए कर्मचारियों की निगरानी और उन्हें शिक्षित किया जाता है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। मौजूदा आठ-सदस्यीय बोर्ड के बजाय, नए रेलवे बोर्ड में एक अध्यक्ष, चार कार्यात्मक सदस्य और कुछ स्वतंत्र सदस्य होंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विभिन्न रेलवे जोन को सिंगल रेलवे प्रबंधन सेवा में विलय की भी मंजूरी दी।