विशाखापत्तनम नौका हादसा: जगन मोहन रेड्डी ने नायडू सरकार को ठहराया जिम्मेदार, एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने विशाखापत्तनम में हुए नौका हादसे में छह मछुआरों की मौत के लिए मौजूदा चंद्रबाबू नायडू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को पीड़ित परिवारो
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने विशाखापत्तनम में हुए नौका हादसे में छह मछुआरों की मौत के लिए मौजूदा चंद्रबाबू नायडू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने सरकार के रवैये को 'बेहद लापरवाह' बताते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए एक-एक करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने हादसे में जीवित बचे एकमात्र मछुआरे से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि सात मछुआरों को ले जा रही नाव गंगावरम पोर्ट से लगभग 10 मील दूर समुद्र में पलट गई थी। परिवारों द्वारा बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद किसी भी सरकारी अधिकारी ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण छह लोगों की जान चली गई।
सरकार की प्रतिक्रिया पर उठाए सवाल
वाईएसआरसीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को कई बार फोन किए और एसओएस संदेश भेजे, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि समय पर बचाव कार्य शुरू किया जाता तो शायद बाकी मछुआरों को भी बचाया जा सकता था। जगन ने कहा, "सबसे दुखद बात यह है कि मुख्यमंत्री से लेकर मत्स्य पालन और आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्रियों तक, किसी ने भी अब तक पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की।"
रेड्डी ने सरकार द्वारा घोषित 10-10 लाख रुपए के मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि सरकार ने केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि विशाखापत्तनम में तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) और पूर्वी नौसेना कमान का मुख्यालय होने के बावजूद समय पर राहत नहीं पहुंचाई जा सकी।
मुआवजे का वादा और आर्थिक सहायता
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस घटना की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने घोषणा की कि यदि मौजूदा गठबंधन सरकार एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा नहीं देती है, तो सत्ता में लौटने पर उनकी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी यह वादा पूरा करेगी। इस बीच, वाईएसआरसीपी के विशाखापत्तनम जिला अध्यक्ष के.के. राजू ने जानकारी दी कि जगन मोहन रेड्डी ने अपनी ओर से सभी छह मृतक परिवारों और हादसे में बचे व्यक्ति को 7-7 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
जगन ने सरकार द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति की रिपोर्ट में घटना की जानकारी 5 जुलाई की सुबह 5 बजे मिलने की बात कही गई है, जबकि परिवारों के कॉल रिकॉर्ड से पता चलता है कि उन्होंने 4 जुलाई की रात को ही एसओएस संदेश भेज दिए थे।
इनपुट: IANS



