NSE के IPO से जुड़ी बड़ी खबर: ग्रे मार्केट प्रीमियम गिरते ही IFCI और NIACL के शेयर 14% तक टूटे
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में आई गिरावट का असर उन कंपनियों पर दिखने लगा है, जिनकी एनएसई में हिस्सेदारी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंगलवार…
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में आई गिरावट का असर उन कंपनियों पर दिखने लगा है, जिनकी एनएसई में हिस्सेदारी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंगलवार को इसी वजह से न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NIACL) और आईएफसीआई (IFCI) के शेयरों में 14 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
ग्रे मार्केट प्रीमियम वह कीमत होती है जिस पर किसी कंपनी के शेयर आईपीओ में आधिकारिक लिस्टिंग से पहले अनौपचारिक बाजार में खरीदे-बेचे जाते हैं। इसमें गिरावट को अक्सर निवेशक कमजोर शुरुआत का संकेत मानते हैं।
गिरावट की चपेट में दो बड़े निवेशक
न्यू इंडिया एश्योरेंस (NIACL): इस कंपनी के शेयर दिन के कारोबार में 13.71% गिरकर 199.52 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गए, जबकि पिछला बंद भाव 231.20 रुपये था। दोपहर 12 बजे तक यह शेयर 9.50% की कमजोरी के साथ 209.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था। गौरतलब है कि NIACL की NSE में 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी है और आईपीओ की उम्मीद में पिछले कुछ हफ्तों में इसका शेयर करीब 30 प्रतिशत चढ़ चुका था।
आईएफसीआई (IFCI): इस कंपनी का शेयर भी 9.5% फिसलकर 92.75 रुपये के इंट्रा-डे लो पर आ गया, जो पिछले दिन 102.51 रुपये पर बंद हुआ था। बाद में यह 8.11% की गिरावट के साथ 94.16 रुपये पर था। IFCI की स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL) में 52% हिस्सेदारी है, और SHCIL के पास NSE के करीब 4.4% शेयर हैं। इस गिरावट से पहले इसके शेयर में 40 प्रतिशत की तेजी आई थी।
क्यों आई यह गिरावट?
शेयरों में इस बिकवाली की मुख्य वजह एनएसई के आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई तेज गिरावट है। 5 सितंबर को जो जीएमपी 310 रुपये प्रति शेयर पर था, वह 8 सितंबर को घटकर 221 रुपये प्रति शेयर रह गया।
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने शुक्रवार को ही एनएसई के करीब 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए अपना ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया था। इसका मतलब है कि एक्सचेंज अब आईपीओ लाने की अंतिम प्रक्रिया में है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक एनएसई की कुल पेड-अप कैपिटल के लगभग 6% के बराबर, यानी करीब 14.89 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे।
इनपुट: IANS



