मंगलवार, 30 जून 2026 · नई दिल्ली
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असली चंदन की लकड़ी का पौधा कैसे लगाएं

भारतीय चंदन (Santalum album) का संसार में सर्वोच्च स्थान है. इसका आर्थिक महत्व बहुत ज्यादा है.

असली चंदन की लकड़ी का पौधा कैसे लगाएं

भारतीय चंदन (Santalum album) का संसार में सर्वोच्च स्थान है. इसका आर्थिक महत्व बहुत ज्यादा है. यह पेड़ मुख्यत: कर्नाटक के जंगलों में मिलता है तथा भारत के अन्य भागों में भी कहीं-कहीं पाया जाता है. भारत के 600 से लेकर 900 मीटर तक कुछ ऊँचे स्थल और मलयद्वीप इसके मूल स्थान हैं. इस पेड़ की ऊँचाई आमतौर पर  18 से लेकर 20 मीटर तक होती है.

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चंदन

अगर आप भी चंदन की खेती करना चाहते हैं, तो उसके लिए सबसे पहले चंदन के बीज या फिर छोटा सा पौधा या लाल चंदन के बीज लेने होंगे जो कि बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते है. चंदन का पेड़ लाल मिट्टी में अच्छी तरह से उगता है. इसके अलावा चट्टानी मिट्टी, पथरीली मिट्टी और चूनेदार मिट्टी में भी ये पेड़ उगाया जाता है.हालांकि गीली मिट्टी और ज्यादा मिनरल्स वाली मिट्टी में ये पेड़ तेजी से नहीं उग पाता.

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चंदन का पेड़

अप्रैल और मई का महीना चंदन की बुवाई के लिए सबसे अच्छा उपयुक्त माना जाता है. इसकी बुआई से पहले 2 से 3 बार अच्छी और गहरी जुताई करना जरूरी होता है. जुताई होने के बाद 2x2x2 फीट का गहरा गड्ढ़ा खोदकर उसे कुछ दिनों के लिए सूखने के लिए छोड़ देना चाहिए. खेत में 30 से 40 सेमी की दूरी पर चंदन के बीजों की बुआई करें.  मानसून के मौसम में ये पौधे तेजी से बढ़ते हैं, लेकिन गर्मियों में इन्हें सिंचाई की जरूरत होती है। चंदन के पेड़ को 5 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले इलाके में लगाना सही माना जाता है.एक एकड़ भूमि में औसतन 400 पेड़ लगाए जाते हैं.

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चंदन का पेड़ आधा जीवन अपनी जरुरत खुद पूरी करता है और आधी जरूरत के लिए दूसरे पेड़ की जड़ों पर निर्भर रहता है. इसलिए चंदन का पेड़ अकेले ग्रोथ नहीं सकता. अगर आप चंदन का पेड़ अकेला लगाते हैं, तो वह जल्दी ही सूख जाता है. ध्यान रहे जब भी चंदन का पेड़ लगाएं तो उसके साथ दूसरे पेड़ भी लगाएं. चंदन के पौधे के पास कुछ खास पौधे जैसे नीम, मीठी नीम, सहजन, लाल चंदा लगाने चाहिए जिससे उसका तेजी से विकास हो सके.

KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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