नीतीश कुमार बिहार के कितने बार CM बने हैं?
बिहार की राजनीति में एक ऐसा नाम है जो 4 दशक से भी अधिक समय से प्रासंगिक बना हुआ.
बिहार की राजनीति में एक ऐसा नाम है जो 4 दशक से भी अधिक समय से प्रासंगिक बना हुआ. पिछले डेढ़ दशक से वह शख्स बिहार की राजनीति में एकछत्र राज कर रहा है और उसकी सियासत को हिलाने में विरोधी बीते 15 साल से लगे हुए हैं. लेकिन यह समाजवादी नेता आज भी जनता के बीच में अपनी छवि और व्यक्तित्व को मजूबती से साफ बनाए हुए है. दरअसल, हम बात कर रहे हैं जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुखिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की. सरल स्वभाव, शांत व्यक्तित्व, ओजस वक्ता और काम करने में विश्वास रखना यह नीतीश कुमार की पहचान है और विरोधी भी गाहे-बगाहे इस बात के कायल है.बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने अपनी जीत का परचम लहरा दिया है।

एनडीए गठबंधन ने 125 सीटों पर जीत हासिल की है। अब नीतीश कुमार सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालेंगे। नीतीश कुमार बिहार के 37वें मुख्यमंत्री रूप में शपथ लेंगे। भाजपा ने साफ कर दिया था कि जदयू की कम सीटें आएंगी तो भी उनके नेता नीतीश कुमार ही होंगे। भाजपा को 74 और जदयू को 43 सीटों पर जीत मिली है।जानिए कब कब बिहार के सीएम बने नीतीश कुमार। बिहार की राजनीति में अपनी एक अलग छवि बनाने वाले नीतीश कुमार सातवीं बार राज्य के सीएम की शपथ लेंगे।

नीतीश कुमार सबसे पहले 3 मार्च 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन बहुमत न होने के कारण सात दिन बाद उनकी सरकार गिर गई थी।नीतीश ने 24 नवंबर 2005 में दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली।26 नवंबर 2010 को तीसरी बार वह बिहार के सीएम बने।22 फरवरी 2015 को चौथी बार मुख्यमंत्री बने।राजद के साथ गठबंधन में 20 नवंबर 2015 को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने।राजद से रिश्ता तोड़ने के बाद भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद 27 जुलाई 2017 को छठी बार मुख्यमंत्री बने।

आपको बता दें, नीतीश कुमार बिहार चुनाव की कई रैलियों में ये घोषणा कर चुके हैं कि ये उनका आखिरी चुनाव होगा। नीतीश ने बिहार पर लंबे अरसे से राज किया है। इस बार नीतीश कुमार को लालू यादव के बेटे तेजस्वी से कड़ी टक्कर मिली। अब विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश के नाम पर मुहर लगेगी जिसके बाद उनका शपथग्रहण होगा।
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