गोवा के बीच पर टेंट में छिपा था 'डिजिटल गिरफ्तारी' की धमकी देने वाला साइबर ठग, बंगाल पुलिस ने दबोचा
देश भर में 'डिजिटल गिरफ्तारी' का डर दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह के सरगना को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
देश भर में 'डिजिटल गिरफ्तारी' का डर दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह के सरगना को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अमन सिंह कोलकाता और मुंबई पुलिस से बचने के लिए गोवा के एक समुद्र तट पर तंबू में छिपा हुआ था, जहाँ से उसे दबोचा गया।
राज्य पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने रविवार को एक विशेष तलाशी अभियान चलाकर अमन सिंह को पकड़ा। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जा रहा है।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस के अनुसार, अमन सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर कोलकाता और सॉल्ट लेक सहित देश के कई हिस्सों में अवैध कॉल सेंटर का जाल बिछा रखा था। ये लोग अवैध दूरसंचार ढांचा तैयार करने के लिए सिम बॉक्स जैसी तकनीक का भी इस्तेमाल करते थे। इसी के जरिए वे लोगों को फोन कर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते और उनसे पैसे ऐंठते थे।
एक शिकायत से खुला पूरा मामला
इस साइबर धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में बिधाननगर (सॉल्ट लेक) के इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई। इस शिकायत के आधार पर पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने जांच शुरू की। पहले गिरफ्तार किए गए गिरोह के अन्य सदस्यों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन की जांच से जांचकर्ता सरगना अमन सिंह तक पहुंचे।
जांच में यह भी सामने आया है कि अमन सिंह सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों में दर्ज कई साइबर धोखाधड़ी के मामलों का मास्टरमाइंड है। उसके खिलाफ मुंबई पुलिस में भी इसी तरह का एक मामला दर्ज है। इसके अलावा, उस पर कोलकाता में यौन उत्पीड़न का भी आरोप है।
इनपुट: IANS



