सोमवार, 17 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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केरल का विझिंजम बंदरगाह व्यापार के नए युग में: मंगलवार से पूरी तरह शुरू होगा निर्यात-आयात

केरल की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक दिन आने वाला है, क्योंकि राज्य का विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह मंगलवार से पूर्ण रूप से निर्यात-आयात संचालन के लिए खुल जाएगा। यह भारत का पहला गहरे पानी का…

केरल का विझिंजम बंदरगाह व्यापार के नए युग में: मंगलवार से पूरी तरह शुरू होगा निर्यात-आयात
(फोटो: IANS)

केरल की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक दिन आने वाला है, क्योंकि राज्य का विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह मंगलवार से पूर्ण रूप से निर्यात-आयात संचालन के लिए खुल जाएगा। यह भारत का पहला गहरे पानी का कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है और इस नई शुरुआत से केरल के वैश्विक व्यापार के नक्शे पर एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन सुबह 10:45 बजे पहले निर्यात कंटेनर को हरी झंडी दिखाएंगे, जिसमें केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल मुख्य अतिथि होंगे।

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अब तक विझिंजम बंदरगाह को मुख्य रूप से एक ट्रांसशिपमेंट हब के तौर पर विकसित किया जा रहा था, जहाँ बड़े जहाज अपना माल छोटे जहाजों पर लादते या उतारते थे। लेकिन अब यह एक पूर्ण वाणिज्यिक बंदरगाह बन जाएगा, जो केरल के उत्पादकों और निर्यातकों को दुनिया के बाज़ारों से सीधे जोड़ेगा। अदाणी पोर्ट्स द्वारा संचालित इस बंदरगाह की सबसे बड़ी खासियत इसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक गहराई है।

क्यों खास है विझिंजम बंदरगाह?

विझिंजम पोर्ट 20 से 24 मीटर की प्राकृतिक गहराई के साथ दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम है। यह अंतरराष्ट्रीय ईस्ट-वेस्ट शिपिंग कॉरिडोर (पूर्व-पश्चिम जहाजरानी गलियारे) से महज़ 10 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है, जो इसे वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम बना देता है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन भारतीय निर्यातकों को होगा, जिन्हें पहले अपना माल कोलंबो, सिंगापुर या दुबई जैसे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब के रास्ते भेजना पड़ता था। अब सीधी पहुँच से उनका परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत दोनों कम होंगे।

राज्य की महत्वाकांक्षी 'मिशन समुद्र' परियोजना

इस अवसर पर, केरल सरकार 'मिशन समुद्र' नाम से एक बड़ी परियोजना भी शुरू कर रही है। यह बंदरगाह पर आधारित एक औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास कार्यक्रम है जिसे 'पोर्ट सिटी' की अवधारणा पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत एक व्यापक विझिंजम मैरीटाइम इकोनॉमिक रीजन बनाने की योजना है, जिसमें 8 औद्योगिक क्लस्टर और 3 नए शहर शामिल होंगे। सरकार ने इस परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये का शुरुआती फंड आवंटित किया है, जिसे बंदरगाह कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक क्लस्टर जैसी 14 उप-योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि 2031 तक यह पहल निजी निवेश के माध्यम से सरकारी निवेश से 10 गुना अधिक आर्थिक गतिविधि पैदा कर सकती है।

छोटे और मझोले उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

इस बंदरगाह के पूरी तरह चालू होने का सीधा लाभ केरल के लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) को मिलने की उम्मीद है। कृषि उत्पाद, मसाले, काजू, समुद्री उत्पाद, हथकरघा और वस्त्र जैसे क्षेत्रों से जुड़े निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके अलावा, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स पार्कों की मांग बढ़ेगी, जिससे तिरुवनंतपुरम और आसपास के जिलों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। मजबूत सड़क और रेल संपर्क के साथ, विझिंजम आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख निर्यात केंद्रों में से एक बन सकता है।

इनपुट: IANS

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