सोमवार, 17 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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असम में खेती को बढ़ावा: 1000 प्रगतिशील किसानों को मिलेगा एक-एक लाख का पुरस्कार, युवा कल्याण विभाग भी बनेगा

असम सरकार ने राज्य में कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और पढ़े-लिखे युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को बताया कि 'मुख्यमंत्री कृषि…

असम में खेती को बढ़ावा: 1000 प्रगतिशील किसानों को मिलेगा एक-एक लाख का पुरस्कार, युवा कल्याण विभाग भी बनेगा
(फोटो: IANS)

असम सरकार ने राज्य में कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और पढ़े-लिखे युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को बताया कि 'मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार' के तहत इस साल 1,000 प्रगतिशील और शिक्षित किसानों को सम्मानित किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रत्येक चयनित किसान को एक-एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

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इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को यह दिखाना है कि खेती एक अच्छा और आधुनिक करियर विकल्प हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें पढ़े-लिखे युवाओं को भी खेती की ओर आकर्षित करना होगा। इसलिए हमने इस साल 1,000 प्रगतिशील और पढ़े-लिखे किसानों को सम्मानित करने का फैसला किया है।” उन्होंने यह भी बताया कि पुरस्कार विजेताओं को खेती से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

कृषि और युवा कल्याण के लिए योजनाएं

यह पुरस्कार योजना सिर्फ एक साल के लिए नहीं है, बल्कि सरकार की मंशा अगले पांच वर्षों में कुल 10,000 किसानों को सम्मानित करने की है। यह पहल आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, कृषि अनुसंधान को मजबूत करने और उत्पादकता बढ़ाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित होगी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने युवाओं से संबंधित सभी कार्यक्रमों को एक ही प्रशासनिक छत के नीचे लाने के लिए एक विशेष 'युवा कल्याण विभाग' बनाने की भी घोषणा की। यह प्रस्तावित विभाग नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी), नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस), रोजगार एक्सचेंज और शिक्षा क्षेत्र की युवा पहलों का एकीकरण करेगा। इस विभाग को 17 सितंबर के आसपास, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

प्रशासनिक सुधार: 'प्रोजेक्ट सद्भावना 2'

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए 'प्रोजेक्ट सद्भावना 2' की भी जानकारी दी। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 जनवरी तक चलेगा, जिसका लक्ष्य सरकारी दफ्तरों में लंबित फाइलों को खोजना और उनका निपटारा करना है। अनुमान है कि विभिन्न विभागों, निदेशालयों और उपायुक्त कार्यालयों में तीन लाख से अधिक फाइलें लंबित हैं। इस बार ई-फाइल सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे मामलों को बेहतर तरीके से ट्रैक और विश्लेषण किया जा सकेगा। नागरिक एक विशेष पोर्टल के माध्यम से अपने लंबित मामलों की जानकारी दे सकेंगे।

इनपुट: IANS

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