पश्चिम बंगाल: सुवेंदु सरकार के 100 दिन पूरे, सीमा सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया मुख्य उपलब्धि
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार मंगलवार को अपने कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य प्रशासन अपनी प्रमुख…
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार मंगलवार को अपने कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य प्रशासन अपनी प्रमुख उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की तैयारी में जुटा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का मुख्य जोर सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और राज्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने पर रहा है।
सीमा सुरक्षा और भूमि आवंटन
सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक, बांग्लादेश से सटी बिना बाड़ वाली सीमाओं पर कंटीले तार लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भूमि सौंपने की प्रक्रिया को लगभग पूरा करने को मान रही है। राज्य के भूमि और भूमि राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सीमावर्ती नौ जिलों में बीएसएफ को 767 एकड़ से ज्यादा जमीन पहले ही दी जा चुकी है। इसके अलावा, कैबिनेट ने करीब 362 एकड़ जमीन के हस्तांतरण को भी मंजूरी दे दी है, जिससे बीएसएफ को मिली कुल जमीन 1,100 एकड़ से अधिक हो गई है। इसी तरह, सीमा सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) को 44 एकड़ और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) बटालियन मुख्यालय के लिए 110 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
बुनियादी ढांचा और उद्योग
सरकार के 100 दिनों के रिपोर्ट कार्ड में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए तेजी से जमीन उपलब्ध कराने को भी प्रमुखता दी जाएगी। इनमें सेवक-रंगपो ब्रॉड गेज रेल प्रोजेक्ट और पश्चिम मेदिनीपुर जिले में 100 बिस्तरों वाला ESI अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा, औद्योगिक मोर्चे पर, पहले 100 दिनों के दौरान राज्य की 16 बंद पड़ी जूट मिलों को फिर से खोलना एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। सरकार विभिन्न नई परियोजनाओं की आधारशिला, उनमें हुए निवेश और उनसे पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों का भी ब्योरा देगी।
सामाजिक योजनाएं और कानून-व्यवस्था
राज्य सरकार की योजनाओं में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का प्रचार और 'अन्नपूर्णा योजना' का क्रियान्वयन भी शामिल है। इस योजना के तहत महिलाओं को अब 3,000 रुपये मिल रहे हैं, जो पिछली तृणमूल सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना के 1,500 रुपये से दोगुनी राशि है। साथ ही, राज्य को 'आयुष्मान भारत' जैसी केंद्रीय योजनाओं से भी जोड़ा गया है। जो लोग इसके पात्र नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा। अंत में, सरकार कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों को भी उजागर करेगी, जिसमें 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026' को पारित करना भी शामिल है।
इनपुट: IANS



