पश्चिमी सेना यूक्रेन आई तो सीधा युद्ध होगा: रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की चेतावनी
रूस ने यूक्रेन में पश्चिमी देशों के सैनिक भेजने की किसी भी संभावना पर कड़ी चेतावनी जारी की है। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कहा है कि अगर ऐसा होता है तो मॉस्को इसे अपने खिलाफ युद्ध की सीधी घोषणा…
रूस ने यूक्रेन में पश्चिमी देशों के सैनिक भेजने की किसी भी संभावना पर कड़ी चेतावनी जारी की है। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कहा है कि अगर ऐसा होता है तो मॉस्को इसे अपने खिलाफ युद्ध की सीधी घोषणा मानेगा।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, येकातेरिनबर्ग में 'इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ यूथ' के दौरान लावरोव ने कहा, "मैं यह साफ करना चाहता हूं कि हमें इसमें शामिल होने की कोई इच्छा नहीं है लेकिन अगर यूरोप, जो हर दिन रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी की बात करता है, रूस पर हमला करता है तो वह बिल्कुल अलग तरह का युद्ध होगा और वह बहुत कम समय तक चलेगा।"
समझौते की शर्तें और रूस के लक्ष्य
सख्त चेतावनी के बावजूद, लावरोव ने कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मॉस्को अभी भी बातचीत के लिए तैयार है, जिसमें अमेरिका द्वारा प्रस्तावित त्रिपक्षीय प्रारूप भी शामिल हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते के लिए रूस की शुरुआती शर्तें पूरी करनी होंगी और संघर्ष के मूल कारणों का निवारण करना होगा। उन्होंने कहा, "हमारे लिए खतरों की मूल वजहों को खत्म करना और रूसी लोगों के अधिकारों की रक्षा करना, जिसमें उनकी मातृभाषा और ऑर्थोडॉक्स आस्था का अधिकार भी शामिल है, विशेष सैन्य अभियान के स्पष्ट और निर्धारित लक्ष्य हैं।"
नाटो की मौजूदगी अस्वीकार्य
लावरोव ने दोहराया कि रूस के लिए अपनी सीमाओं के पास नाटो की मौजूदगी एक मुख्य चिंता है और यह किसी भी समझौते में एक अहम शर्त रहेगी। उन्होंने कहा, "हम इस रुख के तहत उचित और व्यावहारिक समझौते तलाशने के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारे मूल लक्ष्य नहीं बदले हैं। हम अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं और अपनी सीमाओं पर नाटो की मौजूदगी नहीं चाहते।"
लावरोव ने यह भी कहा कि रूस समाधान खोजने में अमेरिका की रुचि का स्वागत करता है, क्योंकि उनके अनुसार अमेरिका संघर्ष की जड़ों को समझता है, जबकि अन्य पश्चिमी देश ऐसा नहीं करते।
इनपुट: IANS



