DRC: हिंसा और इबोला की दोहरी मार, संयुक्त राष्ट्र ने मानवीय संकट पर जताई गहरी चिंता
पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) इस समय हिंसा और बीमारी के दोहरे संकट से जूझ रहा है। एक तरफ सशस्त्र हमलों के कारण हजारों लोग विस्थापित हो रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर इबोला महामारी का प्रकोप…
पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) इस समय हिंसा और बीमारी के दोहरे संकट से जूझ रहा है। एक तरफ सशस्त्र हमलों के कारण हजारों लोग विस्थापित हो रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर इबोला महामारी का प्रकोप भी जारी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन चुनौतीपूर्ण हालात के बीच संयुक्त राष्ट्र और अन्य सहयोगी संस्थाओं के लिए राहत कार्य चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि लगातार हो रही हिंसा के कारण लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। सुरक्षित ठिकानों की तलाश में लोगों की आवाजाही से इबोला के प्रसार पर नज़र रखना और उसे रोकने के प्रयास बाधित हो रहे हैं। मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने इन चुनौतियों के बावजूद राहत कार्य जारी रखने की बात कही है।
हिंसा से बढ़ता विस्थापन
विभिन्न प्रांतों में हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। OCHA के अनुसार, इतूरी प्रांत के मंबासा इलाके में शनिवार को हुए सशस्त्र हमलों में 37 आम नागरिक मारे गए और 35 से ज्यादा का अपहरण कर लिया गया। स्थानीय नागरिक समाज के सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने हिंसक हमलों में कुल 86 नागरिक मारे गए थे। इसी तरह, पड़ोसी प्रांत साउथ किवु के वालुंगु इलाके में 23 अगस्त से हुई झड़पों के बाद से लगभग 15,000 लोग विस्थापित हुए हैं। नॉर्थ किवु प्रांत में भी संघर्ष के कारण लोग पलायन कर रहे हैं। विस्थापित हुए अधिकतर लोग रिश्तेदारों के यहाँ शरण तो ले रहे हैं, लेकिन उन्हें भोजन, आश्रय और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी चीज़ों की तत्काल आवश्यकता है।
इबोला का बढ़ता प्रकोप
हिंसा के साथ-साथ इबोला का संकट भी गहराता जा रहा है। रविवार तक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इबोला से संक्रमित 6,100 मामलों की पुष्टि की थी, जिनमें से 2,950 लोगों की मौत हो चुकी है। इस पर संयुक्त राष्ट्र के अवर-महासचिव टॉम फ्लेचर ने कहा, "हम ऐसी महामारी का धीरे-धीरे या टुकड़ों में जवाब नहीं दे सकते जो तेजी से फैल रही है।" उन्होंने इबोला से निपटने के लिए एक बड़े और निरंतर अभियान की जरूरत पर जोर दिया।
राहत और बचाव के प्रयास
कठिन परिस्थितियों के बावजूद, अंतर्राष्ट्रीय संगठन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने बताया कि उसने DRC और पड़ोसी देशों में लगभग 2.3 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य जांच की है। इससे लोगों की आवाजाही पर नज़र रखने और सीमा पार संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता बिना किसी बाधा के पहुंचाने देने की अपनी अपील दोहराई है। टॉम फ्लेचर ने कहा, "समय हमारे पक्ष में नहीं है... हमने पहले भी इबोला को हराया है और हम ऐसा फिर से कर सकते हैं।"
इनपुट: IANS



