विजयवाड़ा हिरासत में मौत: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद SIT ने मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर से पूछताछ शुरू की
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 25 वर्षीय साईं कृष्णा की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में जांच ने गति पकड़ ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद विशेष जांच दल (SIT)…
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 25 वर्षीय साईं कृष्णा की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में जांच ने गति पकड़ ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य आरोपी, निलंबित सर्किल इंस्पेक्टर एसएसवीवी नागराजू को सात दिन की हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
गुरुवार को SIT ने नागराजू को राजामहेंद्रवरम सेंट्रल जेल से हिरासत में लिया और विजयवाड़ा लाकर अदालत में पेश किया। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की उन शर्तों में ढील दी थी, जो जांच में बाधा बन रही थीं। पहले पूछताछ को अपराध स्थल से 160 किलोमीटर दूर जेल तक ही सीमित कर दिया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अव्यावहारिक बताया।
जांच के लिए क्यों ज़रूरी थी हिरासत
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने SIT को आरोपी से विजयवाड़ा में ही किसी सुरक्षित स्थान पर पूछताछ करने की अनुमति दी। SIT ने शीर्ष अदालत को बताया था कि हिरासत में पूछताछ महत्वपूर्ण है, क्योंकि पीड़ित का शव और सीसीटीवी हार्ड डिस्क जैसी अहम चीजें अभी तक बरामद नहीं हुई हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अहम सुराग मिल सकते हैं।
क्या हैं आरोप?
इस साल मई में साईं कृष्णा की एनटीआर पुलिस कमिश्नरेट के कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर टॉर्चर से मौत हो गई थी। उनकी मां गाडे विजया लक्ष्मी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बेटे को अवैध रूप से हिरासत में लिया, बुरी तरह पीटा और उसकी हत्या कर दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में पुलिसकर्मियों ने सबूत मिटाने के लिए शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, साईं कृष्णा के खिलाफ कुछ मामले और गैर-जमानती वारंट लंबित थे, जिसके चलते उन्हें 6 मई को मरकापुरम से हिरासत में लिया गया था।
अब तक की कार्रवाई
इंस्पेक्टर जनरल एम. रवि प्रकाश के नेतृत्व वाली SIT ने इस मामले में इंस्पेक्टर नागराजू के अलावा चार अन्य कॉन्स्टेबलों को भी गिरफ्तार किया है। इन सभी पर गलत तरीके से बंदी बनाने, टॉर्चर करने, हिरासत में मौत और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप हैं। विजया लक्ष्मी की शिकायत पर यह मामला 19 जून को दर्ज किया गया था, जिसके बाद 23 जून को नागराजू की गिरफ्तारी हुई।
इनपुट: IANS



