ईरान के राष्ट्रपति का दावा: 'आर्थिक युद्ध' में दुश्मन के मंसूबे नाकाम, नई व्यवस्था लागू
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि आर्थिक दबाव के ज़रिए देश को अस्थिर करने की कोशिशें विफल हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स'…
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि आर्थिक दबाव के ज़रिए देश को अस्थिर करने की कोशिशें विफल हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह दावा किया कि सरकार ने देश के सामने पैदा हुए 'ख़ास हालात' से निपटने के लिए एक नई व्यवस्था अपनाई है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव बढ़ा ज़रूर है, लेकिन जनता के सहयोग और सरकार के उठाए कदमों की बदौलत ईरान ने दुश्मन के 'आर्थिक युद्ध' के लक्ष्यों को पूरा नहीं होने दिया। राष्ट्रपति ने लिखा, "पिछले कुछ महीनों में दुश्मन की योजना देश की ज़रूरी व्यवस्थाओं को रोककर ईरान के लोगों पर दबाव बनाने की रही है।"
अमेरिका का जवाबी दावा
पेजेश्कियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और संघर्ष को लेकर तनाव भी जारी है। इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बिल्कुल विपरीत तस्वीर पेश की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान भारी सैन्य और आर्थिक दबाव में है और उसके साथ युद्ध 'बहुत जल्द' खत्म हो जाएगा।
टेक्सास में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "ईरान के साथ यह मामला बहुत जल्द किसी न किसी तरह खत्म होने वाला है। वहां महंगाई 301 प्रतिशत है। उनके पास पैसा नहीं है, उनकी करेंसी की हालत खराब है।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना, नौसेना और वायुसेना 'खत्म हो चुकी है'।
ट्रंप ने यह भी भविष्यवाणी की कि जब यह संघर्ष समाप्त होगा, तो तेल की कीमतों में बहुत तेज़ी से गिरावट आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष किस तरह खत्म होगा, यह तय करने का विकल्प ईरान के सामने है।
इनपुट: IANS



