बुधवार, 23 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

तमिलनाडु: विजय को PM उम्मीदवार बताने वाले अभियान से कांग्रेस असहज, गठबंधन में दिख रहे मतभेद

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने वाले एक अभियान ने राज्य के सत्ताधारी गठबंधन में बेचैनी बढ़ा दी है। विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम'…

तमिलनाडु: विजय को PM उम्मीदवार बताने वाले अभियान से कांग्रेस असहज, गठबंधन में दिख रहे मतभेद
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने वाले एक अभियान ने राज्य के सत्ताधारी गठबंधन में बेचैनी बढ़ा दी है। विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) के समर्थक यह अभियान चला रहे हैं, जिससे सहयोगी दल कांग्रेस के साथ मतभेद के संकेत मिल रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व इस बात से परेशान है कि पोस्टरों और वीडियो के ज़रिए विजय को देश के सर्वोच्च पद के लिए प्रचारित किया जा रहा है।

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कांग्रेस नेताओं को चिंता है कि इस अभियान से राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन के राजनीतिक रुख को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ ख़ुद को मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

अभियान की शुरुआत और सर्वे का असर

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब टीवीके के मंत्रियों और विधायकों ने विधानसभा में बार-बार मुख्यमंत्री विजय की प्रशंसा की। जल्द ही यह सदन के बाहर भी फैल गया और सार्वजनिक स्थानों पर उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताने वाले पोस्टर दिखने लगे। यहाँ तक कि उत्तर भारत में भी इस तरह के प्रचार वाले वीडियो (रील्स) सामने आए हैं।

इस अभियान पर लोगों का ध्यान तब ज़्यादा गया, जब एक टीवी चैनल के सर्वे में प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में विजय को 9 प्रतिशत समर्थन के साथ तीसरा स्थान मिला। वह इस सर्वे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पीछे थे। ख़बरों के मुताबिक, इस सर्वे के नतीजे ने कांग्रेस के भीतर बेचैनी और बढ़ा दी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेता इस बात से नाखुश हैं कि तमिलनाडु में गठबंधन सरकार बनने के कुछ ही महीनों बाद विजय को इस तरह पेश किया जा रहा है।

कांग्रेस की चिंता और नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के लिए यह स्थिति इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि उसने टीवीके से हाथ मिलाने से पहले डीएमके के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया था। डीएमके ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन दिया था। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने हाल ही में मंत्रियों द्वारा दिखाई जा रही 'फैन वाली मानसिकता' की आलोचना भी की थी।

हालांकि, कांग्रेस सांसद जोथिमानि ने मुख्यमंत्री विजय को आगे बढ़ाने की बात को एक चुनावी रणनीति बताया, लेकिन साथ ही ज़ोर देकर कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार का सामना करने के मामले में राहुल गांधी का कोई मुकाबला नहीं है। वहीं, राज्य मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि पूरे भारत में लोग विजय से उम्मीदें रखते हैं और मुख्यमंत्री राजनीतिक हालात के आधार पर फ़ैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि अभी इस पर चर्चा की ज़रूरत नहीं है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस की रणनीति राहुल गांधी को गठबंधन का राष्ट्रीय चेहरा बनाए रखने और दक्षिण भारत में मुख्यमंत्री विजय की लोकप्रियता का लाभ उठाने की थी। लेकिन विजय को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश करने की इस होड़ ने उस रणनीति को मुश्किल में डाल दिया है, जिससे गठबंधन के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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