बुज़ुर्ग माता-पिता की उपेक्षा और दूसरी शादी पर वेतन कटौती? असम सरकार के प्रस्ताव का VHP ने किया समर्थन
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने असम सरकार की उस प्रस्तावित नीति का समर्थन किया है, जिसके तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा सकती है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने असम सरकार की उस प्रस्तावित नीति का समर्थन किया है, जिसके तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा सकती है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसे एक स्वागत योग्य कदम बताया है। यह प्रस्ताव उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल नहीं करते या पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी कर लेते हैं।
यह पूरा मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक बयान के बाद सामने आया। उन्होंने कहा था कि अगर राज्य का कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करता है तो उसके वेतन से 10 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है। इसी तरह, पहली पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरी शादी करने वाले कर्मचारी के वेतन में 20 प्रतिशत तक की कटौती का प्रस्ताव है।
नैतिक और सामाजिक ज़िम्मेदारी: VHP
VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने IANS से बातचीत में इन दोनों ही प्रस्तावों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मैं इन दोनों कदमों का स्वागत करता हूं क्योंकि अपने माता-पिता की देखभाल करना न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि एक नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है। अगर कोई इस कर्तव्य को पूरा करने में विफल रहता है, तो समाज को उन्हें दंडित करना चाहिए और सरकार को भी इसे सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने चाहिए।"
दूसरी शादी के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "लैंगिक समानता के इस दौर में दो पत्नियां रखना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। आज पूरी दुनिया एक पति और एक पत्नी के सिद्धांत का सम्मान करती है।" उन्होंने आगे कहा कि एक से अधिक विवाह या बिना उचित प्रक्रिया के तलाक जैसी प्रथाएं समाज के लिए अस्वीकार्य हैं और ऐसे व्यवहार के खिलाफ संघर्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं हिमंता बिस्वा सरमा के बयान का पूर्ण समर्थन करता हूं।"
'वंदे मातरम' पर कांग्रेस पर साधा निशाना
इसी बातचीत के दौरान आलोक कुमार ने गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस द्वारा 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो अंतरे गाए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस पर अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा, "यह कांग्रेस की मानसिकता है। अल्पसंख्यकों को खुश करने के प्रयास में पार्टी अक्सर सभी सीमाएं पार कर जाती है।"
उन्होंने कहा कि पूरा 'वंदे मातरम' स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रेरणा का स्रोत था। उनके अनुसार, "अगर 'वंदे मातरम्' के पूरे गीत पर किसी को आपत्ति नहीं है तो फिर उसे पूरा गाने में क्या दिक्कत है?" उन्होंने कांग्रेस पर "टुकड़े-टुकड़े गैंग की मानसिकता" अपनाने और राष्ट्रीय एकता से ऊपर राजनीतिक हितों को रखने का आरोप लगाया।
इनपुट: IANS



