उत्तराखंड में भारी बारिश से हाहाकार: नदियाँ उफान पर, कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
उत्तराखंड के कई जिले इस समय भारी बारिश की चपेट में हैं, जिसके चलते नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग…
उत्तराखंड के कई जिले इस समय भारी बारिश की चपेट में हैं, जिसके चलते नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले कुछ दिनों के लिए राज्य में और भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस पूर्वानुमान ने भूस्खलन, जलभराव और सड़कों के बंद होने की आशंका को और बढ़ा दिया है।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों से नदियों के रौद्र रूप की तस्वीरें सामने आ रही हैं। ऋषिकेश में बिन नदी और हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। हल्द्वानी में पिछले 24 घंटों में 192 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो बारिश की तीव्रता को दर्शाता है।
नैनीताल और चमोली में बिगड़े हालात
नैनीताल जिले में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। कैंची धाम मंदिर के पास से बहने वाली शांत शिप्रा नदी ने मंगलवार को उग्र रूप धारण कर लिया। हालांकि, मंदिर की संरचना और पुल सुरक्षित हैं और पूजा-पाठ सामान्य रूप से चल रहा है। इसी जिले के अल्चौना स्थित पांडेछोड़ गांव में ककरिया नाले का पानी लगभग दो दर्जन घरों में घुस गया। प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है।
वहीं, चमोली जिले में भी लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। यहां अलकनंदा और पिंडर नदियां उफान पर हैं, जिससे कई सड़कें बंद हो गई हैं। कर्णप्रयाग में पिंडर नदी का बढ़ता जलस्तर किनारे बसे घरों, होटलों और अन्य इमारतों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर चले जाने की सलाह दी है।
इनपुट: IANS



