ट्रांस-कैस्पियन ट्रेड रूट: अमेरिका ने आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते को मजबूती देने के लिए $201 मिलियन का फंड लॉन्च किया
यूरोप और एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारे को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका ने एक बड़ी पहल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिका ने ट्रांस-कैस्पियन ट्रेड रूट पर निजी क्षेत्र के निवेश…
यूरोप और एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारे को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका ने एक बड़ी पहल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिका ने ट्रांस-कैस्पियन ट्रेड रूट पर निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से 201 मिलियन डॉलर का एक एंटरप्राइज फंड आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। यह कदम अमेरिका की मध्यस्थता में हुए आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते की पहली वर्षगांठ के अवसर पर उठाया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस फंड के पूरी तरह से चालू होने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि फंड का नेतृत्व करने के लिए एक नए निदेशक मंडल का चुनाव हो चुका है और अमेरिकी सरकार ने इसे 201 मिलियन डॉलर की पूंजी उपलब्ध कराई है। इसका लक्ष्य दक्षिण कॉकेशस और मध्य एशिया में 'मिडिल कॉरिडोर' के नाम से मशहूर इस व्यापार मार्ग पर निवेश को गति देना है।
शांति समझौते से निकला आर्थिक गलियारा
यह फंड उस पहल का हिस्सा है जिसे 'ट्रंप रूट फॉर इंटरनेशनल पीस एंड प्रॉस्पेरिटी' (TRIPP) नाम दिया गया है। इसकी नींव एक साल पहले व्हाइट हाउस में आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव द्वारा हस्ताक्षरित एक संयुक्त घोषणा से पड़ी थी। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की मेजबानी की थी, जिसका उद्देश्य दक्षिण कॉकस में दशकों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करना था।
रुबियो ने कहा, "पिछले 12 महीनों में अमेरिका ने आर्मेनिया और अजरबैजान के साथ मिलकर इस वादे को वास्तविक प्रगति में बदलने के लिए काम किया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि TRIPP अब हकीकत बनने की राह पर है।
क्या है TRIPP परियोजना?
यह एक मल्टीमॉडल कॉरिडोर परियोजना है, जिसमें रेलवे, सड़कें, ऊर्जा कनेक्शन और डिजिटल बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल आर्मेनिया और अजरबैजान को आपस में जोड़ना है, बल्कि उन्हें कैस्पियन क्षेत्र के एक व्यापक व्यापार मार्ग का हिस्सा बनाना भी है।
इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है। आर्मेनिया में रेलवे खंड के लिए इंजीनियरिंग सर्वे का काम जारी है, जबकि अजरबैजान भी आर्मेनिया से जुड़ने वाली अपनी सड़क और रेलवे परियोजनाओं को लगभग पूरा करने वाला है।
आर्थिक सहयोग से स्थायी शांति का लक्ष्य
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि आर्थिक संबंधों को मजबूत करके दोनों पूर्व प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच शांति को स्थायी बनाया जा सकता है। मार्को रुबियो के अनुसार, "टीआरआईपीपी केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है... यह इस बात का उदाहरण है कि आर्थिक सहयोग लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान के बाद शांति को कैसे मजबूत कर सकता है।" इस कॉरिडोर से अमेरिका और अन्य देशों के लिए भी नए व्यापारिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



