श्रीलंका: नेगोंबो जेल हिंसा के बाद सभी 33 जेलों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी, 10 करोड़ का नुकसान
श्रीलंका के नेगोंबो केंद्रीय जेल में पिछले महीने हुई घातक हिंसा के बाद सरकार ने देश की सभी 33 जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 7 अगस्त को राष्ट्रपति अनुरा…
श्रीलंका के नेगोंबो केंद्रीय जेल में पिछले महीने हुई घातक हिंसा के बाद सरकार ने देश की सभी 33 जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 7 अगस्त को राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में जेलों की सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक संयुक्त तंत्र बनाने का निर्णय लिया गया।
इस नए तंत्र में जेल प्रशासन के साथ-साथ पुलिस, विशेष कार्यबल और आवश्यकता पड़ने पर सशस्त्र बलों को भी शामिल किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कैदियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह फैसला नेगोंबो जेल की घटना के बाद श्रीलंका की अन्य जेलों में भी हुए कई दंगों को देखते हुए लिया गया है।
10 करोड़ की संपत्ति और रिकॉर्ड तबाह
जेल विभाग के मुताबिक, नेगोंबो में हुई इस हिंसा में 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुँचा। हिंसा के दौरान जेल की संपत्ति के साथ-साथ कैदियों के पंजीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद 100 साल से भी अधिक पुरानी इस जेल को बंद कर दिया गया है और वहाँ के कैदियों को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
कैसे शुरू हुई थी हिंसा?
यह हिंसक झड़प 5 और 6 जुलाई, 2026 को कैदियों के दो विरोधी गुटों के बीच हुई थी। श्रीलंका के डेली मिरर दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार, विवाद की वजह ड्रग्स थी। बताया जाता है कि एक गुट ने दूसरे गुट की ड्रग्स तस्करी की योजना की जानकारी पुलिस को दे दी थी, जिससे दूसरा गुट भड़क गया। 5 जुलाई की शाम को शुरू हुई झड़प अगले दिन सुबह और बढ़ गई, जब दोनों गुटों ने गार्डों से हथियार छीनकर जेल का गेट तोड़ने की कोशिश की। इस पूरी घटना में 32 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए।
इनपुट: IANS



