शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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UPI का दबदबा जारी: जुलाई 2026 में 29.88 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लेनदेन, सालाना 22% की बढ़ोतरी

भारत में डिजिटल भुगतान की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है, जिसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सबसे आगे है। समाचार एजेंसी IANS की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई में UPI के ज़रिए होने वाले…

UPI का दबदबा जारी: जुलाई 2026 में 29.88 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लेनदेन, सालाना 22% की बढ़ोतरी
(फोटो: IANS)

भारत में डिजिटल भुगतान की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है, जिसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सबसे आगे है। समाचार एजेंसी IANS की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई में UPI के ज़रिए होने वाले लेनदेन की संख्या में सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए।

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लेनदेन की संख्या के साथ-साथ उनकी कुल क़ीमत में भी बड़ा उछाल आया है। जुलाई 2026 में इन ट्रांजैक्शन का कुल मूल्य 19 प्रतिशत बढ़कर 29.88 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। ये आँकड़े देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था की मज़बूती को दर्शाते हैं।

लेनदेन का दैनिक ब्योरा

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के महीने में हर दिन औसतन 76.3 करोड़ (763 मिलियन) UPI ट्रांजैक्शन किए गए। अगर इन दैनिक लेनदेन के मूल्य की बात करें तो यह औसतन 96,383 करोड़ रुपये रहा। इससे पहले जून 2026 में भी UPI ने अच्छा प्रदर्शन किया था, जब 22.72 अरब ट्रांजैक्शन के ज़रिए कुल 28.92 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।

पिछले 5 वर्षों का सफ़र

सरकार के अनुसार, पिछले पांच वित्त वर्षों में UPI के ज़रिए होने वाले लेनदेन में लगातार तेज वृद्धि देखी गई है। यह सफ़र इस प्रकार रहा है:

  • वित्त वर्ष 2021-22: 4,595.61 करोड़ ट्रांजैक्शन (मूल्य: 84.16 लाख करोड़ रुपये)
  • वित्त वर्ष 2022-23: 8,371.44 करोड़ ट्रांजैक्शन (मूल्य: 139.15 लाख करोड़ रुपये)
  • वित्त वर्ष 2023-24: 13,112.95 करोड़ ट्रांजैक्शन (मूल्य: 199.95 लाख करोड़ रुपये)
  • वित्त वर्ष 2024-25: 18,586.60 करोड़ ट्रांजैक्शन (मूल्य: 260.56 लाख करोड़ रुपये)

दुनिया भर में UPI की गूँज

UPI की सफलता सिर्फ़ भारत तक ही सीमित नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले महीने लोकसभा में बताया था कि NPCI की सहायक कंपनी, एनआईपीएल (NPCI International Payments Limited), भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए कई देशों के साथ साझेदारी कर रही है।

इन साझेदारियों से भारतीय पर्यटकों और विदेश में रहने वाले भारतीयों को सीमा पार भुगतान में आसानी हो रही है। फिलहाल, UPI की सेवाएँ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, फ्रांस, मॉरीशस और श्रीलंका समेत आठ से अधिक देशों में उपलब्ध हैं, जिससे वैश्विक फिनटेक बाज़ार में भारत की स्थिति और मज़बूत हुई है।

इनपुट: IANS

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