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UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, PhonePe के CEO ने ग्राहकों की चिंताएं दूर कीं

अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं, तो आपके लिए राहत की ख़बर है। PhonePe के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) समीर निगम ने साफ़ किया है कि ग्राहकों पर UPI लेन-देन के लिए कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने इस…

UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, PhonePe के CEO ने ग्राहकों की चिंताएं दूर कीं
(फोटो: IANS)

अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं, तो आपके लिए राहत की ख़बर है। PhonePe के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) समीर निगम ने साफ़ किया है कि ग्राहकों पर UPI लेन-देन के लिए कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ग्राहक पहले की तरह ही UPI का इस्तेमाल मुफ़्त में करते रहेंगे। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने यह भी बताया कि नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को मज़बूत बनाने में मदद मिलेगी।

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समीर निगम ने स्पष्ट किया, "नहीं, यूपीआई ग्राहकों के लिए कोई शुल्क नहीं है। ग्राहकों से यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए कभी शुल्क नहीं लिया गया और भविष्य में भी नहीं लिया जाएगा।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M), दोनों तरह के भुगतान ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ़्त बने रहेंगे।

व्यापारियों के लिए क्या हैं नियम?

यह नया शुल्क ढाँचा, जिसे मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) कहा जाता है, सिर्फ़ बड़े व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों पर नहीं। समीर निगम के अनुसार, 1 लाख रुपए से कम के सालाना कारोबार वाले छोटे व्यापारी इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे। बड़े व्यापारियों के मामले में भी, 2,000 रुपए से कम के 96% लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

केवल 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर व्यापारियों को 0.4% का MDR देना होगा। CEO ने यह भी साफ़ किया कि व्यापारी इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल सकेंगे।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम के लिए क्यों ज़रूरी है MDR?

समीर निगम ने बताया कि UPI के बुनियादी ढाँचे को चलाने में उद्योग को हर साल कम से कम 10,000 से 12,000 करोड़ रुपए ख़र्च करने पड़ते हैं। यह ख़र्च सिर्फ़ तकनीक पर ही नहीं, बल्कि केवाईसी, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी नियंत्रण और पूंजीगत निवेश जैसी चीज़ों पर भी होता है। उन्होंने कहा, "हमें ऐसा तरीका चाहिए था जिससे यह राजस्व वापस उद्योग में आ सके और यूपीआई का विकास टिकाऊ तरीके से जारी रह सके।"

उनके मुताबिक, इस नए राजस्व मॉडल से फ़िनटेक कंपनियों को मार्केटिंग, नवाचार और रिसर्च में निवेश करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 2020 में UPI के लगभग 20 करोड़ उपयोगकर्ता थे, जो अब बढ़कर 50 से 55 करोड़ हो गए हैं, और यह वृद्धि आगे भी जारी रहेगी।

इनपुट: IANS

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