ईरान के समुद्री मार्गों पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा, ट्रंप ने परमाणु हथियार रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका जल्द ही ईरान से जुड़े अहम समुद्री जलमार्गों पर 'पूरी तरह नियंत्रण' हासिल कर लेगा और अभी भी…
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका जल्द ही ईरान से जुड़े अहम समुद्री जलमार्गों पर 'पूरी तरह नियंत्रण' हासिल कर लेगा और अभी भी 'लगभग नियंत्रण' की स्थिति में है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अपने पूर्व निजी वकील माइकल कोहेन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
77 डब्ल्यूएबीसी रेडियो पर प्रसारित इस बातचीत में ट्रंप ने अपनी ईरान नीति का बचाव किया। उन्होंने माना कि ईरान के साथ संघर्ष की स्थिति में अमेरिकी नागरिकों को पेट्रोल और ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों के रूप में आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा, "मैं लोगों से कहता हूं कि आपकी ऊर्जा की लागत थोड़ी बढ़ सकती है, पेट्रोल भी थोड़ा महंगा हो सकता है। हमें मध्य पूर्व में कदम उठाने होंगे, क्योंकि हम ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते।"
सैन्य क्षमता को लेकर बड़ा दावा
ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और नेतृत्व काफी कमजोर हो चुके हैं। उनके मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमता 'पूरी तरह नष्ट' हो चुकी है और उसने मिसाइल तथा ड्रोन बनाने की अपनी काफी क्षमता खो दी है। उन्होंने किसी खास जलमार्ग का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा, "अब ईरान के मामले में, उनके पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा। हम इन जलमार्गों पर लगभग नियंत्रण रख रहे हैं और जल्द ही पूरी तरह नियंत्रण में होंगे।"
नेतृत्व पर अनिश्चितता
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के नेतृत्व में अनिश्चितता की स्थिति है, जिससे किसी समझौते पर पहुँचना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा, "समस्या का एक हिस्सा यह है कि उनके कई नेता अब नहीं रहे। ऐसे में कोई समझौता करना आसान नहीं है। किसी को ठीक से पता ही नहीं है कि नेतृत्व कौन कर रहा है।"
इजरायल और मध्य-पूर्व की सुरक्षा का हवाला
अपने कार्यकाल के दौरान ईरान की परमाणु सुविधाओं पर बी-2 बॉम्बर से किए गए हमले का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह कदम बेहद जरूरी था। उन्होंने दावा किया, "जब हमने बी-2 बॉम्बर से हमला किया, तब वे परमाणु हथियार हासिल करने से सिर्फ दो हफ्ते दूर थे।" ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते तो वह इजरायल और मध्य-पूर्व के अन्य देशों पर हमला कर सकता था। उन्होंने सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन को संभावित निशाने के तौर पर गिनाया। ट्रंप ने कहा, "अगर डोनाल्ड ट्रंप नहीं होते, तो इजरायल भी नहीं होता।"
इनपुट: IANS



