अमेरिका ने क़तर को 4.5 अरब डॉलर के सैन्य विमान और उपकरण बेचने को दी मंज़ूरी
अमेरिकी विदेश विभाग ने क़तर को केसी-46ए एरियल रिफ्यूलिंग विमान और संबंधित उपकरणों की बिक्री के लिए अपनी मंज़ूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सौदा लगभग 4.5 अरब डॉलर का है और इसका…
अमेरिकी विदेश विभाग ने क़तर को केसी-46ए एरियल रिफ्यूलिंग विमान और संबंधित उपकरणों की बिक्री के लिए अपनी मंज़ूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सौदा लगभग 4.5 अरब डॉलर का है और इसका उद्देश्य क़तर की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है। इस बिक्री को ट्रंप प्रशासन की ओर से हरी झंडी मिली है।
विदेश विभाग के पॉलिटिकल-मिलिट्री अफेयर्स ब्यूरो ने एक बयान में कहा, "यह प्रस्तावित बिक्री क़तर की वर्तमान और भविष्य की खतरों से निपटने की क्षमता को मज़बूत करेगी।" बयान में आगे कहा गया कि इससे क़तर की रक्षा क्षमताएं बढ़ेंगी, अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं के साथ उसका तालमेल बेहतर होगा और क्षेत्रीय सुरक्षा में उसकी रणनीतिक भूमिका और मज़बूत होगी।
इस रक्षा सौदे में क्या-क्या शामिल है?
इस सौदे के तहत क़तर ने अधिकतम चार केसी-46ए विमान खरीदने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, इस पैकेज में आठ पीडब्ल्यू4062 टर्बोफैन इंजन (जिनमें चार अतिरिक्त इंजन हैं), रडार चेतावनी रिसीवर, इन्फ्रारेड काउंटरमेजर सिस्टम और मिसाइल चेतावनी सेंसर जैसे कई उपकरण शामिल हैं। सौदे में अन्य पुर्जे जैसे कार्ट्रिज-एक्चुएटेड डिवाइस, कंट्रोल इंटरफेस यूनिट, यूजर डेटा मॉड्यूल कार्ड, केआईवी-77 क्रिप्टो मॉड्यूल और केवाई-100एम क्रिप्टो टर्मिनल भी हैं।
क्षेत्रीय तनाव के बीच लिया गया फैसला
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। यह तनाव अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध के कारण है, जो फरवरी के अंत में शुरू हुआ था और जिसमें हजारों लोग मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाया था।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस सौदे से क्षेत्र के मौजूदा सैन्य संतुलन पर कोई बुनियादी असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि क़तर को इन नए उपकरणों और सेवाओं को अपनी सशस्त्र सेनाओं में शामिल करने में किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी।
इनपुट: IANS



