शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ट्रंप प्रशासन का दावा: अमेरिका से 30 लाख से ज़्यादा अवैध प्रवासियों को निकाला गया, कई योजनाओं से भी किया बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अपने आव्रजन प्रवर्तन रिकॉर्ड का विस्तृत ब्योरा जारी करते हुए दावा किया है कि देश से 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है। समाचार…

ट्रंप प्रशासन का दावा: अमेरिका से 30 लाख से ज़्यादा अवैध प्रवासियों को निकाला गया, कई योजनाओं से भी किया बाहर
(फोटो: IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अपने आव्रजन प्रवर्तन रिकॉर्ड का विस्तृत ब्योरा जारी करते हुए दावा किया है कि देश से 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक फैक्ट शीट में यह जानकारी दी गई, जिसमें कई और महत्वपूर्ण दावों का भी उल्लेख है।

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इन दावों के अनुसार, पिछले 15 महीनों में किसी भी अवैध प्रवासी को अमेरिका में रिहा नहीं किया गया है। प्रशासन ने इसे राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अपने कार्यकाल के पहले सप्ताह में शुरू किए गए कदमों का नतीजा बताया है। फैक्ट शीट में यह भी कहा गया है कि निर्वासित किए गए लोगों में हिंसक अपराधों के दोषी हजारों व्यक्ति भी शामिल थे। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन प्रवासियों के मूल देशों, निर्वासन की समय-अवधि या अन्य विस्तृत आंकड़े साझा नहीं किए हैं।

सार्वजनिक लाभ और स्वास्थ्य योजनाओं पर रोक

प्रशासन का दावा है कि 14 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को करदाताओं के पैसे से चलने वाले सार्वजनिक सहायता लाभों से बाहर कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, उन्हें एक दर्जन से अधिक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से भी वंचित किया गया है। व्हाइट हाउस ने इन योजनाओं के नाम या राज्यवार आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए हैं।

नागरिकता और वीजा संबंधी कड़े कदम

यह ब्योरा राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित दो कार्यकारी आदेशों के साथ जारी किया गया। इन आदेशों में कुछ श्रेणियों के बच्चों के लिए जन्मसिद्ध नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर प्रतिबंध लगाना और संघीय एजेंसियों को 'बर्थ टूरिज्म' रोकने के निर्देश देना शामिल है। फैक्ट शीट में वीजा जांच प्रक्रिया को सख्त करने और 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग निलंबित करने का भी जिक्र है, जिसका उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है। हालांकि, इन देशों के नाम या निलंबन की अवधि नहीं बताई गई है।

इसके अलावा, प्रशासन ने धोखाधड़ी से अमेरिकी नागरिकता पाने वालों के खिलाफ भी एक अभियान चलाने का दावा किया है। इसके तहत 88 ऐसे लोगों के खिलाफ दावे किए गए हैं, जिन्हें कथित तौर पर अयोग्य होने के बावजूद नागरिकता मिली थी। फैक्ट शीट में नागरिकता परीक्षा में बदलाव का भी उल्लेख है, ताकि आवेदकों के अमेरिकी इतिहास और मूल्यों के ज्ञान का बेहतर मूल्यांकन हो सके।

इनपुट: IANS

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