NEET पेपर लीक: CBI चार्जशीट का खुलासा - NTA में सुरक्षा की कमी से विशेषज्ञों ने बाहर निकाले प्रश्न
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के दिल्ली स्थित कार्यालय में सुरक्षा और निगरानी की गंभीर खामियों के चलते ही NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)…
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के दिल्ली स्थित कार्यालय में सुरक्षा और निगरानी की गंभीर खामियों के चलते ही NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में यह खुलासा किया गया है कि तीन विषय विशेषज्ञों ने इन चूकों का फायदा उठाकर प्रश्नपत्र बाहर निकाले।
चार्जशीट के मुताबिक, NTA के गोपनीय अनुभाग में प्रवेश करते या बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की तलाशी लेने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसी का फायदा उठाकर एक आरोपी ने कागज की पर्चियों पर प्रश्न लिखकर उन्हें छिपा लिया, जबकि दो अन्य विशेषज्ञों ने प्रश्नों को याद कर लिया और बाद में होटल के कमरे में जाकर उन्हें लिखा या पाठ्यपुस्तकों में संबंधित हिस्सों को चिह्नित कर दिया।
निगरानी और सुरक्षा में बड़ी चूक
सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि NTA कार्यालय में गोपनीय हॉल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कोई समर्पित CCTV लाइव फीड निगरानी नियंत्रण कक्ष नहीं था। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि कार्यालय में CCTV फुटेज का बैकअप केवल 20-25 दिनों का ही रखा जाता था। चूंकि गोपनीय अनुभाग का काम 7 अप्रैल 2026 को पूरा हो गया था और मामला 12 मई 2026 को दर्ज हुआ, इसलिए जांच के लिए प्रासंगिक अवधि का कोई भी फुटेज उपलब्ध नहीं था।
कैसे लीक हुए अलग-अलग विषयों के पेपर
चार्जशीट में विस्तार से बताया गया है कि कैसे अलग-अलग विषयों के प्रश्न बाहर निकाले गए। आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने रफ कार्य के लिए मिली सादी शीटों पर रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्न और उनके उत्तर विकल्प लिख लिए थे। वहीं, एक अन्य आरोपी मनीषा संजय हवलदार दिनभर के काम के बाद घर लौटकर प्रश्नों को नोट करती थीं।
भौतिकी (Physics): सीबीआई के अनुसार, लीक हुए भौतिकी के प्रश्नों वाले दो दस्तावेज मिले। इनमें से एक आरोपी मनीषा संजय हवलदार की लिखावट में है, जिसमें 9 पन्नों पर 68 सवाल हैं। यह उन्होंने एक सह-आरोपी को व्हाट्सएप पर भेजा था।
जीव विज्ञान (Biology): बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी) के दस्तावेज तेजस दभाड़े द्वारा टाइप किए गए थे। ये नोट्स उन्हें मनीषा संजय वाघमारे ने अन्य आरोपियों के माध्यम से पहुंचाए थे।
देशभर में छापेमारी और बरामदगी
इस मामले की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया है। इस दौरान लीक हुए प्रश्नों की भौतिक प्रतियां, डिजिटल उपकरण और 42 डिवाइस जब्त की गई हैं। कुछ आरोपियों के वॉयस सैंपल भी लिए गए हैं।
इनपुट: IANS



