कांगो में इबोला का कहर: 330 बच्चों समेत 1800 से ज़्यादा लोगों की मौत, स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में इबोला का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिसका सबसे विनाशकारी असर बच्चों पर पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घातक बीमारी के…
अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में इबोला का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिसका सबसे विनाशकारी असर बच्चों पर पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घातक बीमारी के कारण अब तक 330 बच्चों की जान जा चुकी है। यह संकट न सिर्फ इबोला तक सीमित है, बल्कि इसके चलते देश की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) द्वारा गुरुवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2 अगस्त तक 17 साल से कम उम्र के बच्चों में इबोला के 743 पुष्ट मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 330 बच्चों की मौत हो गई। चिंताजनक बात यह है कि कुल पुष्ट मामलों में लगभग एक-चौथाई बच्चे हैं, लेकिन कुल मौतों में उनकी हिस्सेदारी करीब एक-तिहाई है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह स्थिति और भी भयावह है, क्योंकि इस आयु वर्ग में मृत्यु दर वयस्कों की तुलना में दोगुनी से भी ज़्यादा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर
इबोला के इस प्रकोप ने देश में पहले से मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। यूनिसेफ के अनुसार, संक्रमण के डर और स्वास्थ्य केंद्रों के बाधित होने से कई परिवार बच्चों के टीकाकरण, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य ज़रूरी इलाज के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं।
DRC में यूनिसेफ के प्रतिनिधि जॉन एगबोर ने कहा, "इबोला का प्रकोप पूरे स्वास्थ्य तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। इसका असर मलेरिया, दस्त और अन्य इलाज योग्य बीमारियों के मामलों पर भी पड़ रहा है, जो बच्चों की मौत के सबसे बड़े कारणों में से हैं।"
स्थिति की गंभीरता और सरकारी कदम
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहायता संगठन 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' ने भी बुधवार को चेतावनी दी कि पूर्वी DRC की स्थिति 'पहले से कहीं अधिक गंभीर' हो गई है। संगठन का कहना है कि बीमारी अभूतपूर्व गति से फैल रही है और इसके धीमा होने के कोई संकेत नहीं हैं।
15 मई को प्रकोप घोषित होने के बाद से मंगलवार तक देश में इबोला के कुल 3,973 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,801 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को किंशासा से लगभग 65 किलोमीटर दूर एक यात्री नाव को रोक लिया। यह नाव इबोला प्रभावित त्शोपो प्रांत से आ रही थी। स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने बताया कि यह कदम तब उठाया गया जब नाव से उतरे एक पूर्व यात्री की बुखार और दस्त जैसे लक्षणों के बाद मौत हो गई, जिसमें इबोला संक्रमण का संदेह था। सरकारी प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने बताया कि नाव के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर सभी यात्रियों की जांच की गई है।
इनपुट: IANS



