उत्तर कोरिया ने फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, अमेरिका ने सहयोगियों को दिया सुरक्षा का भरोसा
उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर एक और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है, जिस पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया देते हुए अपने सहयोगियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। यह प्रक्षेपण…
उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर एक और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है, जिस पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया देते हुए अपने सहयोगियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। यह प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' नामक बड़े वार्षिक सैन्य अभ्यास से ठीक पहले हुआ है, जिसे उत्तर कोरिया अक्सर अपने ऊपर हमले की तैयारी के तौर पर देखता है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की पैसिफिक कमांड ने एक बयान जारी कर कहा कि उसे इस प्रक्षेपण की जानकारी है और वह अपने सहयोगियों व साझेदारों से लगातार संपर्क में है। कमांड ने स्पष्ट किया, "मौजूदा आकलन के अनुसार, यह घटना अमेरिकी कर्मियों, अमेरिकी क्षेत्र या हमारे सहयोगी देशों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है।" हालांकि, बयान में अमेरिका ने अपनी और अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होने की बात दोहराई।
दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया और जवाबी तैयारी
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने इस बात की पुष्टि की है कि मिसाइल को स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 5 बजे उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वोनसान के पास से दागा गया। JCS ने बताया कि दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी खुफिया अधिकारी मिसाइल की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, इस घटना के तुरंत बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक बुलाई, जिसमें इस प्रक्षेपण को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन और एक उकसावे वाली कार्रवाई बताया गया।
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि वह किसी भी संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपण पर नजर रख रही है और पूरी तरह से तैयार है। JCS ने कहा, "हम अमेरिका और जापान के साथ संबंधित जानकारी भी लगातार साझा कर रहे हैं।"
पहले भी हुए हैं परीक्षण
यह इस साल उत्तर कोरिया द्वारा किया गया पहला परीक्षण नहीं है। इससे पहले 25 जून को भी उत्तर कोरिया ने एक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल, नए मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और अन्य हथियारों का परीक्षण किया था। लगातार हो रहे ये परीक्षण क्षेत्र में तनाव को बढ़ा रहे हैं।
इनपुट: IANS



