बुधवार, 2 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल

उत्तर दिनाजपुर: भारतीय नागरिक को 'बांग्लादेशी' बताकर 75 दिन से हिरासत में रखने का आरोप, TMC ने DGP से की हस्तक्षेप की मांग

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में एक 66 वर्षीय बुजुर्ग को अवैध बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में 75 दिनों से अधिक समय से हिरासत में रखे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना पर तृणमूल कांग्रेस…

उत्तर दिनाजपुर: भारतीय नागरिक को 'बांग्लादेशी' बताकर 75 दिन से हिरासत में रखने का आरोप, TMC ने DGP से की हस्तक्षेप की मांग
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में एक 66 वर्षीय बुजुर्ग को अवैध बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में 75 दिनों से अधिक समय से हिरासत में रखे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, TMC सांसद ने इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया है कि भारतीय नागरिकों को इस तरह परेशान किया जा रहा है।

विज्ञापन

मामला दलखोला के बगरोई गांव के निवासी जलील अख्तर का है। उनकी बेटी कुलसुम खातून ने मीडिया को बताया कि 16 जून को दलखोला पुलिस स्टेशन की एक टीम उनके पिता को घर से उठाकर ले गई थी। परिवार का दावा है कि उन्होंने पुलिस को अख्तर की भारतीय नागरिकता साबित करने वाले सभी दस्तावेज़ दिखाए, लेकिन उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।

पुलिस की कार्रवाई और परिवार का आरोप

परिवार के अनुसार, जलील अख्तर को पहले दो अलग-अलग होल्डिंग सेंटरों और फिर एक सुधार गृह में रखा गया। 22 जुलाई को पुलिस ने उन्हें इस्लामपुर की एक अदालत में पेश किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अख्तर को विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं, मामला अदालत में विचाराधीन है।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "यह ज़रूरी है कि DGP व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देखें, जलील के नागरिकता दस्तावेज़ों की ठीक से जांच करवाएं और अगर वह भारतीय नागरिक पाए जाते हैं तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।" उन्होंने यह भी बताया कि अख्तर का नाम 2026 की मतदाता सूची में था और उनके पास कई साल पुराने ज़मीन के कागज़ात भी हैं।

दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ता शतरूपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली ममता बनर्जी सरकार ने घुसपैठियों को दस्तावेज़ देकर मदद की थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को गलती से हिरासत में लिया गया है, तो जांच होगी, जिसमें समय लग सकता है, लेकिन किसी भी अवैध नागरिक को बंगाल में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

इनपुट: IANS

N

News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से पश्चिम बंगाल से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →