बंगाल: सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर चल रहे होटल, दिलीप घोष ने उठाए खाद्य सुरक्षा पर भी सवाल
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार को राज्य में चल रहे कई होटलों और रेस्टोरेंट के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, घोष ने आरोप लगाया कि बड़ी…
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार को राज्य में चल रहे कई होटलों और रेस्टोरेंट के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, घोष ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में ये प्रतिष्ठान बिना ज़रूरी लाइसेंस और अनुमति के चल रहे हैं।
दिलीप घोष ने कहा कि कई जगहों पर तो सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा करके होटल और रेस्टोरेंट चलाए जा रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी चिंता जताई और कहा कि कुछ प्रतिष्ठानों के पास फायर सेफ्टी लाइसेंस तक नहीं है। मंत्री ने खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक, रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं, जिनमें सड़े हुए मांस की शिकायतें बेहद गंभीर हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है और उम्मीद है कि कार्रवाई के बाद स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा।
पाकिस्तान और अन्य मुद्दों पर भी बोले
न्यूटाउन में पत्रकारों से बात करते हुए दिलीप घोष ने कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने देश को बेहद खराब स्थिति में पहुंचा दिया है। घोष ने शरीफ द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी से तुलना किए जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें पहले पाकिस्तान की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
इसके अलावा, एससीओ शिखर सम्मेलन की एक तस्वीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर हटाने के लिए भी उन्होंने पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने इसे 'धोखाधड़ी और चालाकी' बताते हुए कहा कि ऐसी हरकतों से पाकिस्तान अपनी ही छवि खराब कर रहा है और भारत पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता। पाकिस्तान में मंदिरों को तोड़े जाने की खबरों पर घोष ने कहा कि पाकिस्तान को धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने के बजाय अपने देश के विकास और आर्थिक संकट से बाहर निकलने पर ध्यान देना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी को दी सलाह
तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई पर दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें अदालत में जाकर अपना बयान दर्ज कराना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतिम फैसला अदालत का ही होगा।
इनपुट: IANS



