स्थानीय मुद्रा में व्यापार से बदलेगी तस्वीर, भारत-अफ्रीका के बीच अहम कड़ी बनेगा मॉरीशस: ज्योति जीतून
अगर भारत और मॉरीशस जैसे देश अपनी-अपनी मुद्राओं में व्यापार करना शुरू कर दें, तो यह उनकी अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक विशेष साक्षात्कार में मॉरीशस की…
अगर भारत और मॉरीशस जैसे देश अपनी-अपनी मुद्राओं में व्यापार करना शुरू कर दें, तो यह उनकी अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक विशेष साक्षात्कार में मॉरीशस की वित्तीय सेवा एवं आर्थिक योजना मंत्री ज्योति जीतून ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में डॉलर जैसी हार्ड करेंसी पर निर्भरता कम करना विकासशील देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने बताया कि यह विचार सिर्फ भारत और मॉरीशस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ब्रिक्स देशों और पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। उन्होंने कहा, "आज के समय में जब भू-राजनीति और 'ग्लोबल साउथ' पर इतनी चर्चा हो रही है, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार का मुद्दा और भी प्रासंगिक हो गया है।"
भारत-मॉरीशस आर्थिक गलियारा
मंत्री ज्योति जीतून के अनुसार, भारत और मॉरीशस के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने का सबसे बड़ा अवसर भारत-मॉरीशस-अफ्रीका आर्थिक गलियारे में छिपा है। उन्होंने कहा कि लगभग 12 लाख की आबादी के साथ मॉरीशस का घरेलू बाजार भले ही छोटा हो, लेकिन यह अफ्रीका के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बन सकता है।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मॉरीशस अफ्रीकी संघ, SADC और COMESA जैसे बड़े व्यापारिक गुटों का सदस्य है। उन्होंने कहा, "अफ्रीका तेज़ी से आर्थिक विकास कर रहा है और निवेश आकर्षित कर रहा है। हम भारत और अफ्रीका को और अधिक जोड़ने तथा मॉरीशस को एक व्यापक व्यापारिक मंच के रूप में विकसित करने पर काम कर रहे हैं।"
द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख स्तंभ
मुद्रा और व्यापार: जीतून ने बताया कि पिछले साल मॉरीशस बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच भारतीय रुपये और मॉरीशस रुपये के लिए एक क्लियरिंग व्यवस्था विकसित करने पर समझौता हुआ था। उन्होंने कहा, "हार्ड करेंसी के बजाय यदि हम अपनी स्थानीय मुद्राओं में सीधे व्यापार कर सकें, तो इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा।"
ऊर्जा सुरक्षा: हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मॉरीशस यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ मॉरीशस के बीच ईंधन आपूर्ति का समझौता हुआ है। उन्होंने इस साझेदारी को मॉरीशस के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला एक "अत्यंत मूल्यवान और रणनीतिक" कदम बताया, खासकर जब दुनिया भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है।
भारत की विकास गाथा से प्रेरणा
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' विजन और भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए इसे मॉरीशस के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा, "जब यह यात्रा शुरू हुई थी, तब भारत दुनिया की 10वीं या 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की उम्मीद है। भारत की विकास गाथा स्वयं अपनी कहानी कहती है।"
इनपुट: IANS



