तमिलनाडु में निर्माण सामग्री की कमी को रोकने की तैयारी, सरकार ने खनन निदेशक को दिए विशेष अधिकार
तमिलनाडु में अब एम-सैंड और ब्लू मेटल जैसी ज़रूरी निर्माण सामग्रियों की राज्य से बाहर ढुलाई पर अस्थायी रोक लग सकेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने अपने खनन नियमों में एक महत्व
तमिलनाडु में अब एम-सैंड और ब्लू मेटल जैसी ज़रूरी निर्माण सामग्रियों की राज्य से बाहर ढुलाई पर अस्थायी रोक लग सकेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने अपने खनन नियमों में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में इन सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है। इस बदलाव के बाद भूविज्ञान एवं खनन निदेशक को विशेष अधिकार दिए गए हैं।
प्राकृतिक संसाधन विभाग द्वारा 9 जुलाई को जारी एक सरकारी आदेश के माध्यम से यह संशोधन किया गया। इसके तहत, तमिलनाडु अवैध खनन, परिवहन एवं खनिज भंडारण तथा खनिज डीलर नियम, 2011 में एक नया नियम 3-ए जोड़ा गया है। यह नया प्रावधान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अधीन आता है।
नए नियम के तहत क्या होगा?
इस संशोधन के बाद, यदि राज्य में निर्माण सामग्री की कमी की आशंका पैदा होती है या घरेलू ज़रूरतों को पूरा करना आवश्यक हो जाता है, तो भूविज्ञान एवं खनन निदेशक इनके अंतरराज्यीय परिवहन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा सकेंगे। इस अधिकार के दायरे में रफ स्टोन, खंडा, बोल्डर, एम-सैंड, मेटल जेली और सड़क तथा भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य सभी पत्थर शामिल होंगे।
फैसले की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
सरकार का यह कदम हाल के महीनों में निर्माण सामग्री की आपूर्ति में आ रही बाधाओं और कीमतों में उतार-चढ़ाव की शिकायतों के बाद आया है। इसका मुख्य लक्ष्य राज्य के निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए कच्चे माल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर रखने में मदद मिलेगी, जिससे सार्वजनिक और निजी निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
सरकार बनने के बाद से ही राज्य प्रशासन अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। सरकारी सूत्रों का मानना है कि यह संशोधन प्रशासन को बाज़ार में किसी भी असामान्य स्थिति या सामग्री की कमी होने पर तुरंत फैसला लेने की शक्ति देगा, जिससे तमिलनाडु की विकास संबंधी ज़रूरतों को प्राथमिकता दी जा सकेगी।
इनपुट: IANS



